जम्मू-कश्मीर से जुड़े आर्टिकल 370 के खत्म होते ही देश में जबर्दस्त हलचल का माहौल है। इस बदलाव का कई जगहों पर विरोध भी देखने को मिला है। विरोधियों का कहना है कि इससे कश्मीरियों को खासा नुकसान होगा। हालांकि इस फैसले से कश्मीर घाटी में जमीन की कीमतों में बड़े उछाल की संभावना है। दरअसल यह आर्टिकल खत्म होते ही भारत का कोई भी नागरिक कश्मीर में अपने नाम पर संपत्ति खरीद सकेगा।
50 फीसदी तक उछाल देखने को मिल सकता हैः कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जैसे दल मोदी सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। अब तक राज्य की जमीन आदि में सिर्फ यहीं के मूल निवासी निवेश कर पाते थे। बदलाव के चलते राज्य में डिमांड बढ़ सकती है। रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है और कीमतें लगभग 50 फीसदी तक बढ़ सकती है। दाम बढ़ने से स्थानीय लोगों को बड़ा फायदा हो सकता है। राज्य में पर्यटन महत्वपूर्ण साधनों में से एक है ऐसे में राज्य के स्थायी निवासियों को फायदा सकता है।
एक्सपर्ट्स बोले- प्रतिबंध की वजह से अटका था कारोबारः बिजनेस टुडे से बातचीत में कुछ एक्सपर्ट्स ने बताया कि प्रतिबंध की वजह से जम्मू-कश्मीर में रियल एस्टेट का कारोबार नहीं बढ़ रहा था। अब सबके लिए दरवाजे खोल दिए गए हैं तो जम्मू-कश्मीर में तेजी से प्रॉपर्टी के दाम बढ़ेंगे। बता दें कि सोमवार को मोदी सरकार में गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में यह बिल पेश किया, इसे कई विरोधी दलों के नेताओं ने भी अपना समर्थन दिया। इसके मुताबिक अब से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनेंगे।
