बृहस्पतिवार को कश्मीर के पुलवामा हमले में 37 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। इस हमले की न सिर्फ पूरे देश में बल्कि विदेशों में भी घोर निंदा की जा रही है और कई देश भारत के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। बता दें कि पुलवामा हमले में शहीद जवान देश के अलग अलग राज्यों के रहने वाले थे। इन 37 जवानों में दो जवान बिहार के रहने वाले भी थे। इन जवानों का नाम था रतन ठाकुर और संजय कुमार सिन्हा। रतन की पत्नी गर्भवती है और होली पर उसके आने का इंतजार कर रही थी। वहीं संजय इस बार छुट्टी में अपनी बेटी का रिश्ता पक्का करना करने वाले थे लेकिन ऐसा हो न पाया।

श्रीनगर जाने की बात कही थी लेकिन पहुंचे नहीं: रतन ठाकुर भागलपुर के कहलगांव के रहने वाले थे। रतन के पिता निरंजन ठाकुर ने बताया कि दोपहर डेढ़ बजे रतन ने पत्नी राजनंदनी को फोन किया था और बताया था कि वो श्रीनगर जा रहा है और शाम तक पहुंच जाएगा। लेकिन शाम को उसके ऑफिस से फोन आया और रतन के मोबाइल नंबर (कोई और नंबर भी इस्तेमाल में हो तो) के बारे में पूछा गया। जब ऑफिस के नंबर से फोन पर रतन का मोबाइल नंबर मांगा गया तो शक हुआ और टीवी ऑन की। टीवी पर खबर देखकर दिल बैठ गया। आनन फानन में कमांडर को फोन किया तो उन्होंने बताया कि अभी कुछ कंफर्म नहीं है।

गर्भवती पत्नी को थी होली में घर आने की उम्मीद: रतन के पिता ने बताया कि रतन का एक चार साल का बेटा है, साथ ही उनकी बहू गर्भवती भी है। एक दिन पहले जब रतन से फोन पर बात हुई थी तो उसने कहा था कि इस साल घर पर होली मनाउंगा। वहीं छोटी बहन की शादी को लेकर भी बात हुई थी और रतन ने पिता से कहा था कि आप चिंता मत करो मैं सब अच्छे से करवा दूंगा। बता दें कि रतन की मां का निधन भी 2013 में हो गया था। इसके साथ ही पिता ने कहा कि मैं दूसरा बेटा बी भेजने को तैयार हूं लेकिन पाकिस्तान से बदला लेना है।

बेटे को नहीं पता कि उसके पिता शहीद हो गए: रतन के पिता निरंजन ने बताया कि उनके पोते कृष्णा को पता ही नहीं था कि पिता शहीद हो गए। जब उससे पिता के बारे में पूछा गया तो उसने कहा- पापा ड्यूटी पर गए हैं।

अधूरी रह गई संजय की तमन्ना: एक तरफ जहां रतन के परिवार में मातम छाया है तो वहीं पटना के तारेगना निवासी हेड कांस्टेबल संजय कुमार सिन्हा के परिजनों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। बता दें कि 15 दिन बाद संजय घर जाने वाले थे और उस ही दौरान वो अपनी बेटी रूबी का रिश्ता भी पक्का करने वाले थे। संजय ने एक दिन पहले ही पिता महेन्द्र और पत्नी बबीता से बात की थी और कहा था कि 15 दिन की छुट्टी आ रहा हूं। बता दें कि संजय का भाई भी सीआरपीएफ में ही है। वहीं संजय का बेटा मेडिकल की तैयारी कर रहा है।