UP News: मुरादाबाद में अपने गृहनगर में दो हफ्ते की छुट्टियां मनाने आए एक परिवार के लिए सोमवार की रात सबसे दुखद हो गई। उनकी सबसे छोटी बच्ची को कथित तौर पर कांजीपुर गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने नोंचकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, बच्ची पड़ोस के अन्य बच्चों के साथ खेलने के लिए बाहर गई थी। लेकिन जब वह लगभग एक घंटे तक घर नहीं लौटी, तो उसके परिवार को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी।
लगभग दो घंटे के बाद तलाशने के बाद स्थानीय लोगों ने उसे एक तालाब के पास में पाया। उसके चारों तरफ आवारा कुत्ते जमा थे। उन्होंने कुत्तों को भगा दिया। तब तक परिवार दौड़ता हुआ पहुंचा और उन्होंने अपनी बच्ची को जमीन पर बेसुध पड़ा देखा। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
आवारा कुत्तों ने बच्ची पर कर दिया हमला
दिलारी पुलिस स्टेशन के एसएचओ कृष्ण कुमार ने बताया कि बच्चे तालाब में खेलने गए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें देखकर पास में मौजूद आवारा कुत्तों का एक झुंड आक्रामक हो गया और भौंकने लगा। अन्य बच्चे तो भागने में कामयाब हो गए, लेकिन तीन साल की बच्ची बच नहीं पाई। इसके बाद कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। इससे उसे गंभीर चोंटे आईं और उसकी मौत हो गई।
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उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी तक कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। परिवार ने भी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। बच्ची के पिता नौशाद अहमद ने बताया कि खेलते समय कुत्ते उनकी बेटी को घर से कुछ दूर घसीटकर ले गए और उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा, “मैं मुरादाबाद आया और अपनी बच्ची को खो बैठा।”
उन्होंने बताया कि वे दिल्ली में रहते हैं और एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उनके छोटे भाई इरशाद हुसैन मुरादाबाद में रहते हैं और परिवार की ज्वैलरी की दुकान चलाते हैं। पिता ने कहा, “हमने जिला प्रशासन से शिकायत दर्ज करा दी है ताकि ऐसी घटना किसी और बच्चे के साथ न हो।”
सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के मामले में चल रही सुनवाई
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सुप्रीम कोर्ट आवारा कुत्तों के मुद्दे से संबंधित एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रहा है। 13 जनवरी को न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारी की पीठ ने कहा कि अधिकारियों ने 75 सालों से कुछ नहीं किया है। पीठ ने यह भी कहा कि आवारा कुत्तों के काटने से होने वाली मौतों के मामले में अधिकारियों को भारी मुआवजा देने का आदेश दिया जा सकता है।
काजीपुर गांव ने प्रधान ने क्या आरोप लगाया?
काजीपुर गांव के पूर्व प्रधान मोहम्मद कल्लू ने आरोप लगाया कि इलाके में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर होती जा रही है, लेकिन न तो जिला प्रशासन और न ही नगर निगम ने इसे दूर करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया है। उन्होंने कहा, “गांव में पहली बार किसी जानवर ने किसी व्यक्ति को मारा है। गांव वालों में भारी गुस्सा है।”
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