केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार (7 मार्च) को यहां एक जनसभा में कुछ लोगों द्वारा पृथक विदर्भ राज्य के पक्ष में नारे लगाने पर नाराजगी प्रकट की और उन्हें का कार्यक्रम से बाहर निकलवा देने की धमकी दी। जनसभा में गडकरी ने जब भाषण देना शुरु किया तब भीड़ में विदर्भ समर्थक कुछ कार्यकर्ता नारे लगाने लगे और वहां बैठे मीडिया के लोगों में पर्चे भी फेंके। इस पर गडकरी नाराज हो गये और उन्होंने उन लोगों को शांत रहने को कहा। उसके बाद गडकरी ने कहा, ‘‘यदि वे फिर हंगामा करते हैं तो उन्हें थप्पड़ लगाइए, याद रखिए – चिल्लाना बंद कीजिए अन्यथा थप्पड़ लगेगा और बाहर निकाल दिया जाएगा। उनसभी को बाहर निकालिए।’’ मंच पर महाराष्ट्र के मुख्मयंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी थे।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि नौकरियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम इसके लिये एक मजबूत कानून भी लेकर आयेंगे। वह नागपुर में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के स्थायी परिसर के भूमि पूजन समारोह में बोल रहे थे। सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री ने कहा, ‘‘भूमिपुत्रों को यहां एमआईएचएएन (मल्टी मॉडल इंटरनेशनल हब एयरपोर्ट) में रोजगार मिलना चाहिए।’’ गडकरी ने कहा कि मुंबई के पास जवाहर लाल नेहरू पत्तन न्यास (जेएनपीटी) के विकास के जरिये अगले कुछ वर्षों में कम से कम 1.25 लाख नौकरियां पैदा होंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने (अधिकारियों) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि जेएनपीटी में कम से कम 80 प्रतिशत नौकरियां तटीय कोंकण क्षेत्र के स्थानीय लोगों को मिलें।’’ इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि परियोजना की घोषणा कांग्रेस-राकांपा लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई थी, लेकिन इस पर काम 10 साल बाद शुरू हुआ। फड़णवीस ने कहा कि एमआईएचएएन के अंतर्गत आने वाली महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड ने परियोजना से प्रभावित व्यक्तियों के लिये बेहतर काम किया है।