हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के एक बयान पर अपनी सहमति दी और कहा कि कुछ यूपी और बिहार के अधिकारी हिमाचल की संस्कृति और राज्य के हित में काम नहीं कर रहे। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पिछले माह सरकार के खिलाफ काम करने वाले लोगों से मुलाकात करने को लेकर नौकरशाहों को चेतावनी दी थी।
फेसबुक पेज पर पोस्ट शेयर करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने दावा किया कि ऐसे आईएएस और आईपीएस अधिकारी प्रदेश के लिए चिंताजनक हैं और चेताया कि अगर समय रहते इनसे नहीं निपटा गया तो यह प्रदेश को गंभीर नुकसान पहुंचा देंगे।
पोस्ट हो रहा तेजी से वायरल
उनकी यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, इस पोस्ट पर अब तक 6 हजार लाइक्स और 600 से अधिक कमेंट्स आ चुके हैं। इस पोस्ट के बाद से हिमाचल प्रशासन में काम कर रहे बाहरी अधिकारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
‘उन्हें हिमाचल से ज्यादा सरोकार नहीं’
विक्रमादित्य ने कहा कि हालांकि अन्य राज्यों के अधिकारियों का सम्मान किया जाता है, लेकिन उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर के अधिकारियों से सीखना चाहिए और राज्य की संस्कृति और संवेदनशीलता को समझना चाहिए। उन्होंने नौकरशाहों को सलाह दी कि वे शासकों की तरह व्यवहार करने के बजाय जनता की सेवा पर ध्यान केंद्रित करें।
पोस्ट में विक्रमादित्य ने लिखा, “हम उपमुख्यमंत्री के मंडी में दिए बयान से सहमत हैं। कुछ यूपी-बिहार के आईएएस-आईपीएस हिमाचल में हिमाचलियत (हिमाचल प्रदेश के संस्कृति) की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्हें हिमाचल से ज्यादा सरोकार नहीं है। जब तक हिमाचल में हो, हिमाचल की सेवा करो।”
स्पष्टीकरण मांगने पर भी कोई जवाब नहीं
विक्रमादित्य ने बार-बार स्पष्टीकरण मांगने पर भी कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी मंत्री के बयान से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रति उनकी एकजुटता स्पष्ट हो रही है, उपमुख्यमंत्री ने कई मौकों पर राज्य के नौकरशाही तंत्र के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया है। मुकेश अग्निहोत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाते थे। विक्रमादित्य सिंह इन्हीं वीरभद्र के बेटे हैं। वीरभद्र सिंह 6 बार प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
एक सूत्र ने आगे कहा, “हालांकि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बीच कोई सीधा टकराव नहीं है, लेकिन यह एक सच्चाई है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के नौकरशाह वर्तमान में राज्य के सभी महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं।”
उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा था?
पिछले साल 6 दिसंबर को मंडी जिले में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए, मुकेश अग्निहोत्री ने चेतावनी दी थी कि यदि नौकरशाह सरकार के खिलाफ कार्रवाई करते हैं तो उनसे “रात के अंधेरे में निपटा जाएगा।” इन टिप्पणियों पर प्रशासनिक हलकों से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
इस बीच, एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में कुल 154 आईएएस अधिकारी हैं, जिनमें से 107 सीधे भर्ती किए गए हैं, जबकि 43 हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा कैडर से पदोन्नत अधिकारी हैं। इसी प्रकार राज्य में कुल 96 आईपीएस अधिकारी हैं, जिनमें से एक तिहाई हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा से पदोन्नत अधिकारी हैं। हिमाचल प्रदेश में कार्यरत सीधे भर्ती किए गए आईएएस या आईपीएस अधिकारी राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों से आते हैं।
