उत्तराखंड के हरिद्वार में लगने वाले कुंभ मेले में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को रोकने की मांग पर सियासी बहस तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि अगर ऐसा करना है तो पहले संविधान बदलना होगा। उन्होंने कहा कि यह देश सभी भारतीयों का है, किसी एक समुदाय की निजी संपत्ति नहीं। संविधान के मुताबिक, देश का कोई भी नागरिक कहीं भी आ-जा सकता है। अगर कोई अपराध करता है तो कानून उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। इस तरह की बातें समाज में नफरत फैलाती हैं और इन्हें बंद किया जाना चाहिए।

हरिद्वार में अगले साल होगा कुंभ मेले का आयोजन

दरअसल, श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र लिखकर मांग की थी कि हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र के एक खास हिस्से में गैर-हिंदुओं का प्रवेश रोका जाए। इस मांग को कई साधु-संतों का भी समर्थन मिला है। इस पूरे मामले पर धामी सरकार ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। हरिद्वार में कुंभ मेला अगले साल की शुरुआत में लगने वाला है।

नितिन गौतम का कहना है कि हरिद्वार नगर निगम के पुराने बॉयलॉज में इस तरह के नियमों का जिक्र मिलता है। ये नियम साल 1916 में बनाए गए थे, जब देश में ब्रिटिश शासन था। इन नियमों का मकसद हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना बताया गया था। इसके तहत हर की पैड़ी और आसपास के धार्मिक इलाकों में गैर-हिंदुओं के जमीन खरीदने पर रोक थी। इतना ही नहीं, सूर्यास्त के बाद किसी भी गैर-हिंदू दुकानदार या व्यापारी के वहां ठहरने की इजाजत नहीं थी। यहां तक कि गैर-हिंदू अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती भी नहीं हो सकती थी, और अगर मजबूरी में होती भी थी तो उन्हें सूर्यास्त से पहले वहां से हटना पड़ता था।

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हाल ही में हर की पैड़ी के पास दो यूट्यूबर शेख की वेशभूषा में वीडियो बनाते हुए पकड़े गए थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पता चला कि वे हिंदू थे और सिर्फ सोशल मीडिया पर रील वायरल करने के लिए उन्होंने यह भेष बदला था। इस घटना को लेकर श्री गंगा सभा ने कड़ी नाराजगी जताई और इसे धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ बताया।

गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग उठने के एक दिन बाद ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि सरकार इस पूरे मामले पर विचार करेगी और सभी पक्षों से बातचीत के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

श्री गंगा सभा हर की पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों की देखरेख करती है। सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम का कहना है कि जो नियम 100 साल पहले बनाए गए थे, अब उन्हें आने वाले 100 सालों को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला उज्जैन, प्रयागराज, नासिक और हरिद्वार में लगने वाला सनातन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है। उनके मुताबिक, गैर-हिंदुओं के प्रवेश से कुंभ की धार्मिक पवित्रता को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए जिस क्षेत्र में कुंभ मेला हो, वहां केवल हिंदुओं को ही प्रवेश मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार पुजारी समूहों के साथ बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार हिंदू धर्म का एक बड़ा केंद्र है और मां गंगा के किनारे बसा है। सरकार यहां लागू कानूनों की समीक्षा कर रही है और सभी से बातचीत के बाद एक उचित प्रस्ताव लाया जाएगा।