रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चल रही जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दावे को लेकर नया मोड़ आ गया है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा के खिलाफ धन शोधन के आरोपों में ईडी जांच कर रही है। ईडी ने दावा किया कि वाड्रा लंदन में एक फ्लैट के मालिक हैं। ब्रायनस्टैन स्कवायर पर स्थित इस फ्लैट की कीमत 1.9 मिलियन यूरो यानी 16 करोड़ 80 लाख रुपए से ज्यादा है। ईडी ने कहा, ‘रॉबर्ट वाड्रा लंदन में फ्लैट के वर्चुअल ओनर हैं’।
ईडी ने यह सनीसनीखेज आरोप विशेष जज अरविंद कुमार की अदालत में लगाए। शनिवार को ईडी ने वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा के खिलाफ धन शोधन निरोधक अधिनियिम के तहत गैर जमानती वारंट जारी करने करते हुए ये दावे किए। दिल्ली और बंगलुरू में ईडी के द्वारा उसके परिसरों पर छापेमारी के बाद से वह फरार बताया जा रहा है। जांच एजंसी ने जो बयान अदालत में दिए, उसका ब्यौरा रविवार को जारी किया गया। ईडी का दावा है कि लंदन की संपत्ति को दुबई के रास्ते धन शोधन के जरिए भेजे गए धन से खरीदा गया है। अरोड़ा इन सभी लेन-देन के बारे में सब कुछ जानता है और वह इस लेनदेन का चश्मदीद है। ईडी का दावा है कि यह फ्लैट भगोड़े हथियार डीलर संजय भंडारी ने 16 करोड़ 80 लाख रुपए में खरीदा था और वाड्रा के नियंत्रण वाली फर्म ने इसी कीमत पर भंडारी से इसे खरीदा था। भंडारी के खिलाफ ऑफिशल सीक्रेट ऐक्ट के तहत 2016 में मुकदमा दर्ज किया था।
जांच एजंसी ने अपने बयान में आशंका जताया है कि भंडारी नेपाल के जरिए देश छोड़ने में कामयाब रहा है। इसके बाद आयकर विभाग ने भंडारी की दिल्ली और गुड़गांव स्थित संपत्तियों को जब्त कर लिया था, लेकिन उसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। ईडी ने दावा किया कि वाड्रा लाभकारी रूप से इस संपत्ति को नियंत्रित कर रहे थे, जिसकी कीमत 1.9 मिलियन यूरो है। संजय भंडारी ने इस संपत्ति के सुंदरीकरण मद में अलग से 65,000 यूरो खर्च किए हैं। भंडारी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट ऐक्ट के तहत 2016 में मुकदमा दर्ज किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि भंडारी नेपाल के रास्ते देश छोड़ने में सफल रहा है।
दहशत की सियासत : कांग्रेस
पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि डर और अत्याचार की सियासत ज्यादा देर तक चलती नहीं है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि इसके बहुत ही नकारात्मक परिणाम होते हैं। कांग्रेस मुख्यालय में रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में तिवारी ने राबर्ट वाड्रा को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा की गई प्रतिक्रिया को लेकर पूछने पर कहा कि जांच एजेंसियों के माध्यम से डर, दहशत और अत्याचार की सियासत ज्यादा देर चलती नहीं है, उसके बहुत ही नकारात्मक परिणाम होते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रणनीति के मद्देनजर जांच एजंसियों का इस्तेमाल हमेशा नकारात्मक परिणाम देता है।
ईरानी ने पूछा, कहां है अरोड़ा
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को राबर्ट वाड्रा और कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि शनिवार से ‘कांग्रेस के राष्ट्रीय दामाद’ सुर्खियों में हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा से अपील की कि वे मनी लॉन्ड्रिंग केस में फरार मनोज अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने को कहें। ईरानी ने कहा कि शनिवार का दिन कांग्रेस के ‘राष्ट्रीय दामाद’ को देश की सुर्खियों का एक अंश बना चुका है। उन्होंने खबरों का हवाला देते हुए कहा कि ईडी ने कोर्ट के सामने रॉबर्ट वाड्रा के निजी सहायक मनोज अरोड़ा के खिलाफ गैर जमानती वारंट प्राप्त करने का निवेदन किया। ईरानी ने कहा कि राष्ट्र को बतलाना सही होगा कि मनोज अरोड़ा, जो वाड्रा के निजी सहायक हैं, इनके संदर्भ में ईडी के हाथ डिजिटल दस्तावेज तब प्राप्त हुए जब रक्षा सौदों के दलाल संजय भंडारी के घर पर इनकम टैक्स का छापा पड़ा। ये सार्वजनिक रूप से स्वीकृत बात है कि संजय भंडारी रक्षा सौदों के दलाल हैं और वतर्मान में देश से फरार हैं और रॉबर्ट वाड्रा के मित्र हैं। वाड्रा द्वारा कथित तौर पर काले धन से लंदन में फ्लैट खरीदने का जिक्र करते हुए ईरानी ने कहा कि ईडी ने कोर्ट को बताया है कि रॉबर्ट वाड्रा काले धन की प्राप्ति से लंदन में 1.9 मिलियन पाउंड का एक घर प्राप्त कर चुके हैं, जिसका नंबर है- 12 ब्राइंस्टीन स्क्वॉयर, लंदन। इस घर की मरममत के लिए 66 हजार पाउंड का खर्च वाड्रा करवाते हैंं। खर्च के बाबत डिजिटल एविडेंस मिलने के बाद पता चलता है कि ये पैसे उन्हें मनोज अरोड़ा से मिले हो सकते हैं।

