सरकार ने बारापुला के तीसरे चरण के पूरा होने की समय सीमा को बढ़ाकर वर्ष 2027 कर दिया है। 2015 में शुरू हुई परियोजना का करीब 95 फीसद काम पूरा हो चुका है लेकिन अभी अंतिम हिस्से के पूरा करने में 15 माह का और समय लगेगा। इस परियोजना के निर्माण कार्य के पूरा होने में देरी के चलते अब अनुमानित लागत भी 1260.63 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,653.03 करोड़ रुपए हो गई है।

अब परियोजना की कुल लागत में 374.40 करोड़ रुपए की वृद्धि हो गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दिल्ली सरकार को जानकारी दी है कि सराय काले खां से मयूर विहार को जोड़ने वाली परियोजना के पूरा होने में हुई देरी और निर्माण लागत में वृद्धि ऐसे कारणों से हुई, जो उसके नियंत्रण से बाहर थे। यह परियोजना पर 2015 से काम जारी है और इस दौरान कई बार इसकी समय सीमा बढ़ाई गई और इसकी लागत में वृद्धि हुई है। इसकी शुरुआती समय सीमा 2017 थी।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में संपन्न हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में सरकार को सूचित किया गया था कि परियोजना की कुल निर्माण लागत में 374.40 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। शुरुआत में इस परियोजना की लागत 1,260.63 करोड़ रुपए अनुमानित थी, जो अब बढ़कर 1,653.03 करोड़ रुपए हो गई है। ईएफसी बैठक के कार्यवृत्त में कहा गया कि भूमि अधिग्रहण और हाई-टेंशन (एचटी) लाइनों को स्थानांतरित करने जैसी बाधाओं के कारण परियोजना के निर्धारित समय में पूरा होने में अत्यधिक देरी हुई।

ये देरी विभाग के नियंत्रण से बाहर थीं और अंतत: एजंसी के पक्ष में मध्यस्थता (पंचाट) का फैसला आया, जिससे परियोजना की लागत भी बढ़ गई। पिछले वर्ष जुलाई में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस परियोजना के निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए थे। दिल्ली सरकार ने पीडब्ल्यूडी को लंबित परियोजना में लागत वृद्धि को समायोजित करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी के लिए एक नया और व्यापक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश भी दिया है।