पश्चिमी दिल्ली में एक दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसा नजफगढ़ के नंगली सकरावती इलाके में हुआ। शुरुआती जांच में पता चला कि टाइल्स और कबाड़ के दो गोदाम के बीच बनी दीवार सोमवार शाम अचानक भर-भराकर गिरी और उसकी चपेट में कबाड़ गोदाम में काम करने वाले तीन कर्मचारी आ गए। दिल्ली अग्निशमन के दमकलकर्मियों ने पुलिस के साथ मिलकर तीनों को राव तुलाराम अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया। एक का इलाज अभी नजफगढ़ टुंडा मंडी के आर्थो केयर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने कई बिंदुओं से मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस और अग्निशमन के प्रवक्ता के मुताबिक सोमवार शाम सवा चार बजे सूचना मिली कि नजफगढ़ के नंगली सकरावती इलाके के खसरा नंबर-121 मुसुदाबाद, नजफगढ़ में एक दीवार गिर गई है। सूचना मिलते ही दो दमकलों के साथ बचाव दलों के कर्मचारियों को मौका-ए-वारदात पर भेजा गया।
घटनास्थल पर 20 साल के जसवीर सिंह, 25 साल के करीम और 21 साल के सोनू दब गए थे। जसवीर और करीम की मौत हो गई है। सोनू का इलाज चल रहा है। तीनों उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर के हैं। दुर्घटना के समय कबाड़ गोदाम में दस लोग ट्रांसफार्मर के तार को हटाने का काम कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि तीन साल पहले गोदाम का निर्माण सुरेंद्र जैन ने किया था। यहां बाद में दो गोदाम बना दिए गए। एक में टाइल्स और दूसरे में कबाड़ का काम चल रहा था।
दोनों गोदामों के बीच जैन ने पांच फीट दीवार बना दी थी जिसे बाद में आठ फीट और इस समय यह 12 फीट ऊं ची कर दी गई। जैन ने इसे सुनील कुमार नामक व्यक्ति को किराए पर दे रखा था। जबकि कबाड़ का काम प्रेम प्रकाश ने अपनी पत्नी के नाम पर शुरू किया और इस समय उसने जनकपुरी के कपिल गुप्ता को किराए पर दे रखा था। कपिल के गोदाम में दस कर्मचारी काम कर रहे थे।

