दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने शुक्रवार को त्यागराज स्टेडियम में ‘पुलिस अंकल कार्यक्रम’ की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बाल अपराधों से जुड़े कानूनों के बारे में हर वर्ग में जागरूकता लाना जरूरी है। बच्चों से जुड़े कानूनों के बारे में जितना उनके अभिभावकों व शिक्षकों को जागरुक रहने की जरुरत है, उतना ही जरूरी है कि हम सभी मिलकर बच्चों में भी नियम कानूनों के प्रति उचित समझ विकसित करें। इससे न सिर्फ बच्चों और किशोरों को अपने अधिकारों व कानूनों के बारे में पता चल सकेगा बल्कि वह अपने कर्तव्य को लेकर भी जागरूक होंगे। दक्षिणी रेंज के आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने इस मौके पर प्रोटेक्शन आॅफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल आॅफेंसेज (पॉक्सो) एक्ट सहित बाल अधिकार व विशेष संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के बारे में बताया कि यह कानून 18 साल तक के बच्चों के लिए है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हमें इस कानून के बारे में लोगों में जागरूकता लानी है। इसके अलावा लैंगिक अपराध, तस्करी व बाल मजदूरी के बारे में भी विशेष जानकारियां दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ‘पुलिस अंकल’ असल में एक अभियान की तरह है, जिसके तहत अलग-अलग स्कूलों के पांच हजार बच्चों को कानून के प्रति जागरूक किया जाएगा। पुलिस की कार्यप्रणाली से रूबरू करवाया जाएगा, ताकि कल जब वही बच्चे समाज की मुख्यधारा में शामिल होंगे, तो कानून व्यवस्था में उनकी भागीदारी अहम साबित होगी।
इस पहल से बच्चों को अपराध और अपराधियों के खिलाफ जागरूक करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में विशेषायुक्त आरपी उपाध्याय (कानून व्यवस्था, दक्षिण), संदीप गोयल (कानून व्यवस्था उत्तरी), विशेषायुक्त नुजहत हसन, उपायुक्त चिन्मय बिस्वाल और विजय सिंह के साथ बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।

