दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते 2 हजार के नकली नोट भारत भेजे जा रहे थे। पुलिस ने आठ लाख रुपए की जाली भारतीय मुद्रा भी बरामद की है। ये सभी दो-दो हजार के उम्दा किस्म के जाली नोट हैं जिन्हें आसानी से नहीं पहचाना जा सकता। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार आरोपियों को दबोचा है। पुलिस का दावा है कि बरामद किए गए 8.48 लाख रुपए के नकली नोट इतने चमकदार हैं कि असली-नकली में फर्क करना आसान नहीं है। माना जा रहा है कि भारत में जाली मुद्रा चलाने के पीछे कोई न कोई बड़ा नेटवर्क है। सुराग मिले हैं कि इनकी छपाई के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजंसी आइएसआइ है, जो अपने एजंटों के जरिए नकली नोटों की खेप बांग्लादेश के रास्ते भारत भेज रही है। बंगाल के अलावा नेपाल नकली नोटों का धंधा करने वालों के लिए पसंदीदा जगह बन चुका है।
पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाह ने बताया कि नकली नोटों की आपूर्ति के बारे में सेल की टीम को सूचना मिली थी। जिस पर सहायक पुलिस आयुक्त अत्तर सिंह की अगुआई में इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह की टीम ने सबसे पहले फारुख उर्फ लंबू (27) और शरीफुल (21) को दबोचा। दोनों पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले हैं। आगे की पूछताछ के आधार पर बिहार के मोतिहारी जिले के आसिफ राज (27) और नेपाल के मुख्तियार अहमद (28) को गिरफ्तार किया। सभी से कुल 8.48 लाख के नकली नोट बरामद किए गए। मुख्तियार जाली नोटों का दिल्ली में मुख्य आपूर्तिकर्ता है, जो अ२लग-अलग राज्यों के अपने गुर्गों को नकली नोट बेचता रहा है। नेटवर्क के बारे में पुलिस की तफ्तीश जारी है।

