केंद्र सरकार ने साढ़े तीन साल में दिल्ली सरकार को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकार के हर फैसले की जांच खुद केंद्र ने कराई है और इस जांच में एक रुपए की भी गड़बड़ी नहीं मिली। यह बयान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के स्थापना दिवस समारोह में दिया। केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह ‘आप’ सरकार को केंद्र की ओर से ईमानदारी का प्रमाणपत्र है। आम आदमी पार्टी ने अपने स्थापना दिवस को क्रांति के छह साल के रूप में मनाया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीन साल में दिल्ली सरकार ने जितने भी फैसले लिए। उन फैसलों से जुड़ी सभी 400 फाइलें केंद्र ने गड़बड़ी निकालने के लिए मंगा लीं, लेकिन जांच में कुछ भी नहीं निकला। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उन पर व उनके मंत्रियों पर भी केंद्र ने छापे पड़वाए और उसमें भी कुछ नहीं मिला। आज दिल्ली की जनता कहती है कि हमारा मुख्यमंत्री ईमानदार है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में ऐतिहासिक काम किए। इतने काम गुजरात में 12 साल में भी नहीं हुए।
केजरीवाल ने कहा कि संविधान दिवस के दिन ही आम आदमी पार्टी का गठन होना महज संयोग नहीं है। यह नियति का संकेत है कि आज देश के संविधान पर जो खतरा मंडरा रहा है, उस खतरे से निजात दिलाने में कोई और पार्टी सक्षम नहीं है। केवल ‘आप’ ही इस खतरे से निजात दिला सकती है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने 49 दिन में ही दिल्ली को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिला दी और इस दौरान 32 अधिकारियों को जेल भेजा गया। भ्रष्टाचार की इस लड़ाई के कारण ही दिल्ली में ‘आप’ को 67 सीटों का बहुमत मिला है।
सजा ‘आप’ मुख्यालय, जमकर थिरके नेता
‘आप’ नेताओं ने पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यालय को विशेष तौर पर सजाया था। यहां डीजे का भी इंतजाम था, जहां पार्टी के नेता व कार्यकर्ता देशभक्ति गीतों की धुन पर थिरकते नजर आए। पार्टी मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘आप’ के लोकसभा प्रभारी पंकज गुप्ता, आतिशी, दिलीप पांडे व राघव चड्डा समेत कई विधायक व पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

