दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को घोषणा की कि 22 जनवरी को समूचे राष्ट्रीय राजधानी में ‘कार-फ्री डे’ का आयोजन किया जाएगा और उस दिन वह खुद साइकिल से अपने दफ्तर आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के सहयोग से अभियान चलाएगी और लोगों में यह जागरुकता फैलाएगी कि 22 जनवरी को वे अपने अपने दफ्तर जाने के लिए साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
दिल्ली सरकार ने रविवार को दूसरे ‘कार-फ्री डे’ का द्वारका में आयोजन किया। द्वारका सेक्टर तीन-13 और सेक्टर सात-नौ के बीच स्थित मार्ग पर इस आयोजन के दौरान साइकिल रैली का नेतृत्व केजरीवाल ने किया जिसमें स्कूली बच्चों और आईएएस तथा डीएएनआईसीएस अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर हम दिल्ली की सड़कों से कारों को कम कर दें तो राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा कि पूरी दिल्ली हमारी अपील का अनुसरण करे लेकिन अगर पांच से 10 फीसदी लोगों ने भी मेरी अपील को माना तो प्रदूषण के स्तर में 10 फीसदी कमी आ जाएगी जो हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।’’
केजरीवाल ने द्वारका में जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम 22 जनवरी को इसे पूरी दिल्ली में आयोजित करेंगे और मुझे पूरी उम्मीद है कि यह सफल होगा… मैं भी 22 जनवरी को साइकिल से दफ्तर आऊंगा।’’
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘कार फ्री डे’ को प्रतीकात्मक रूप से जल्द ही हकीकत का रूप देने का संकल्प किया। इन दिनों सरकार विभिन्न इलाकों में अलग अलग मार्गों पर ऐसे कार-फ्री डे का आयोजन हर महीने की 22 तारीख को करती है।
परिवहन मंत्री गोपाल राय ने बताया सरकार लोगों से 22 जनवरी को अपने निजी कारों का इस्तेमाल नहीं करने की अपील करेगी। राय ने कहा, ‘‘हमलोग दिल्ली के लोगों से अपील करेंगे कि वे 22 जनवरी को अपने दफ्तर जाने के लिए साइकिल या सार्वजनकि परिवहन का इस्तेमाल करें। इसके अलावा सरकार ‘कार-फ्री डे’ के एक हिस्से के तौर पर अलग अलग मार्गों पर साइकिल रैली का आयोजन करेगी।’’
दिल्ली यातायात पुलिस ने ‘कार-फ्री डे’ के तहत सेक्टर तीन-13 और सेक्टर सात-नौ के बीच मार्ग पर निजी कारों को जाने की इजाजत नहीं दी। उन्होंने बताया कि पिछले महीने लालकिला और इंडिया गेट के बीच मार्ग में ‘कार-फ्री डे’ आयोजन के दौरान कुछ गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने इन मार्गों पर प्रदूषण के स्तर में 60 फीसदी की कमी पाई।
उन्होंने बताया, ‘‘दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के उचित कारण को लेकर कई बार बातचीत हुई, लेकिन प्रदूषण गिरने का कारण तभी साफ हो पाया जब लालकिला और इंडिया गेट के बीच मार्ग पर कारें नहीं चलीं।’’
केजरीवाल ने बाद में ट्वीट किया, ‘‘22 दिसंबर को पूर्वी दिल्ली में कार-फ्री डे होगा। 22 जनवरी को हमलोग समूची दिल्ली में कार फ्री डे का आयोजन करेंगे। मैं लोगों से अपील करता हूं कि उस दिन वे अपने दफ्तर जाने के लिए साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। मैं भी 22 जनवरी को साइकिल से अपने दफ्तर जाऊंगा।’’
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब परिवहन मंत्री गोपाल राय ने हर महीने की 22 तारीख को कार-फ्री डे के आयोजन का फैसला किया तब मेरे मन में दो शंकाएं थीं। उन्होंने कहा, ‘‘पहली शंका यह थी कि क्या ऐसे आयोजनों में अधिक संख्या में लोग हिस्सा लेंगे और दूसरी यह थी कि क्या मैं साइकिल चला पाऊंगा। लेकिन मेरी दोनों शंकाएं साफ हो गईं क्योंकि अधिक संख्या में लोगों ने ‘कार-फ्री डे’ में हिस्सा लिया और मैं भी साइकिल चला पाया।’’
इस अवसर पर वहां मौजूद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि हर घर में एक साइकिल जरूर होनी चाहिए। सिसौदिया ने कहा, ‘‘अक्तूबर और नवंबर में दो ‘कार-फ्री डे’ के आयोजन के साथ सम्पन्न लोगों सहित अधिकतर लोगों ने यह महसूस किया है कि वे भी साइकिल चला सकते हैं… साइकिल चलाने की लोगों की झिझक अब खत्म हो गई है।’’
सेक्टर तीन-13 और सेक्टर सात-नौ के बीच मार्ग में कुछ चौराहों पर रविवार को परिवहन विभाग के कर्मी और कार्यकर्ताओं ने अपना वाहन छोड़ने की पेशकश करने वालों को गुलाब का फूल भेंट किया। मुख्य सचिव केके शर्मा ने कहा कि शहर की हवा को स्वच्छ करने के लिए सरकार किसी भी कोने को नहीं छोड़ेगी। समारोह में आम आदमी पार्टी की महिला शाखा ने भी हिस्सा लिया।
परिवहन मंत्री राय ने कहा, ‘‘यह सही है कि सार्वजनिक परिवहन ऐसे बेहतर हालत में नहीं हैं कि लोग अपनी कारें छोड़ सकें लेकिन दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए हमें इस संबंध में कुछ करना ही होगा।’’
