दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में गुरुवार सुबह हुई बारिश के बाद शाम के वक्त भारी बारिश के साथ जमकर ओले भी पड़े। कई इलाकों में आलम ये रहा कि ओलावृष्टि के बाद नजारा बर्फबारी जैसा लग रहा था। खराब मौसम की वजह से पूरे दिन में भी अंधेरा छाया रहा। बारिश की वजह से दिल्ली की सड़कों पर लोगों को जाम का भी सामना करना पड़ा। शाम के समय दिल्ली में सड़कों पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। वहीं, दूसरी ओर इसका सीधा असर दिल्ली देहात के खेतों में तैयार फसलों पर पड़ा। किसानों का कहना है कि फिलहाल नुकसान का आकलन तो नहीं किया जा सका है, लेकिन इन दिनों हरी पत्तेदार सब्जियां खासकर पालक, मेथी, धनिया पत्ता, सरसों, मूली, गोभी की फसलें खेतों में करीब-करीब तैयार हैं। गेंहू का सीजन भी है। बारिश से फसल को फायदा तो हुआ। पर ओलावृष्टि की वजह से इन सभी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
किसान जोगिंदर दहिया का कहना है कि फिलहाल दिल्ली देहात के अलीपुर, बवाना, नरेला, नजफगढ़, बिजवासन, महरौली, कुतुब गढ़ के अलावा दिल्ली देहात के कई गांवों में आज भी खेती होती है। भारी बारिश और आलोवृष्टि का असर खेतों में लगी फसलों पर पड़ा है। महरौली निवासी सोहन सिंह का कहना है कि ओलावृष्टि के बाद किसानों के फसल बर्बाद हो गए हैं। एक-दो दिनों बाद ही आकलन कर बताया जा सकता है कि कितने का नुकसान हुआ है।
लेकिन पालक, गोभी, मूली समेत अन्य फसलों का काफी नुकसान पहुंचा है। सुबह से हो रही बारिश से किसान खुश था कि उन्हें गेंहू में पानी नहीं देना पड़ेगा, लेकिन शाम के वक्त हुई ओलावृष्टि ने फसलों को चौपट कर दिया।
किसानों के नुकसान की भरपाई करे सरकार : मुकेश शर्मा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकेश शर्मा ने बारिश और ओलावृष्टि पर चिंता जताते हुए कहा कि ओलों ने दिल्ली और एनसीआर के किसानों पर मुसीबत बरसाई है। खेतों में कटाई के लिए तैयार सरसों की सारी फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर अपील की है कि क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दें कि इलाकों में नुकसान का जायजा लिया जाए और किसानों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि पहले ही मंदी के शिकार किसानों के लिए यह ओलावृष्टि उनके लिए बड़े नुकसान का सबब बन सकती है।

