गिरधारी लाल जोशी
कोरोना काल के दौरान बिहार सरकार ने 929 विशेषज्ञ डाक्टरों की बहाली की है। और इन्हें सात दिनों के अंदर तैनात किए ज़िलों में अपना योगदान देने को कहा गया है। मगर अधिकांश डॉक्टर अपनी तैनाती से नाखुश हैं। इन सभी डॉक्टरों का ट्रांस्फर इनके गृह ज़िलों में न कर दूसरे-दूसरे ज़िलों में किया गया है। नाराजगी की यही मुख्य वजह है।
नाम न छापने की शर्त पर नव नियुक्त विशेषज्ञ डाक्टरों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि उनकी तैनाती गृह ज़िलों में की जाएगी।उन्होंंने कहा कि अगर बिहार तकनीकी सेवा आयोग की बीते साल हुई प्रतियोगी परीक्षा के वक्त यह बता दिया गया होता कि गृह ज़िलों में तैनाती नहीं होगी, तो परीक्षा में शामिल ही नहीं होते। वैसे भी ये अपने-अपने इलाके के सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवा पहले दे रहे हैं।
नाराज डॉक्टरों के दल ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों का वे बेहतर तरीके से इलाज कर रहे हैं। तभी कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने का आंकड़ा 67 फीसदी है। अब तक 30 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि बिहार में इंतजाम के नाम पर क्या है, किसी से छुपा नहीं है। फिर भी हम जान जोखिम में डाल कर संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं। हालांकि ये डॉक्टर अपने ट्रांस्फर से खुश नहीं हैं। इनमें कईयों ने योगदान न देने का मन बना लिया है। इनका कहना है कि यह कोई प्रशासनिक पद तो है नहीं। जो गृह ज़िलों में तैनाती नहीं हो सकती। सरकार इस पर विचार करें।
इन नव नियुक्त विशेषज्ञ डॉक्टरों के बहाली की अधिसूसचना स्वास्थ्य महकमा ने बुधवार (29 जुलाई) की शाम जारी की है। जिसपर सरकार के सयुंक्त सचिव अनिल कुमार का दस्तखत है। असल में बीते साल ही बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने विशेषज्ञ डाक्टरों की बहाली की अनुशंसा सफल उम्मीदवारों की सूची भेज स्वास्थ्य महकमा से की थी। मगर कई तरह की खानापूर्ति की प्रक्रिया की वजह से मामला अटका पड़ा था। बिहार आईएमए ने भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहाली व तैनाती का दबाव सरकार पर बनाया था। आखिरकार कल अधिसूचना जारी की गई। अब आईएमए के सचिव डा. सुनील कुमार ने राज्य के मेडिकल कालेजों में सहायक प्राध्यापकों के खाली पड़े पदों को भरने का पत्र लिख अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि 29 जुलाई को जारी स्वास्थ्य महकमा की अधिसूचना के मुताबिक तेरह विभगों के 929 विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहाली हुई है। जिनमें विभागवार इस प्रकार है:- नेत्र में 22 , रेडियोलॉजी-25, फिजिशियन-109, एनेस्थेसिया-119, स्त्री रोग-180, हड्डी रोग-88, माइक्रोबायलॉजी-03, मनोरोग-04, पैथोलॉजी-14, ईएनटी-34, जेनरल सर्जरी-148, चर्म रोग-18, शिशु रोग-165 । ये सभी विशेषज्ञ डॉक्टर हैं।

