कांग्रेस ने शनिवार को रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित कुछ लोगों के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों को राजनीतिक हिसाब बराबर करने के लिए बदले की कार्रवाई करार दिया। पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में संभावित हार को देखकर मोदी सरकार गंदी चालों और दुर्भावनापूर्ण राजनीति पर उतर आई है।
भाजपा की केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि बीते 54 महीनों में एक के बाद एक घोटालों का पर्दाफाश होने और धोखेबाजों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने से मोदी सरकार का भ्रष्टाचार-विरोधी होने का मुखौटा उतर गया है। उन्होंने कहा कि इसके बजाए मोदी सरकार अपनी भारी नाकामियों को छिपाने के लिए अपनी गंदी चालों से विपक्षी नेताओं को बदनाम करने, उन पर कीचड़ उछालने के लिए सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल कर रही है।
राजनैतिक प्रतिद्वंदियों से लड़ाई के लिए मोदी जी ने ED-CBI-Income Tax को अपना बंधुआ मजदूर बना दिया है ! : @DrAMSinghvi
— Congress Live (@INCIndiaLive) December 8, 2018
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को निशाना बनाने के लिए वाड्रा और उनके सहयोगियों के परिसरों पर अवैध छापेमारी की जा रही है। वित्तीय जांच एजेंसी द्वारा रक्षा सौदों में कथित रूप से कमीशन हासिल करने के संबंध में वाड्रा से जुड़ी कंपपियों के कुछ लोगों के ठिकानों पर शुक्रवार को की गई छापेमारी के बाद कांग्रेस की यह टिप्पणी सामने आई है। दक्षिण दिल्ली के सुखदेव विहार इलाके में स्काईलाइट हॉस्पिटलिटी के कार्यालय पर भी छापेमारी हुई।
सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि तुच्छ राजनीतिक मकसद से एक व्यक्ति को निशाना बनाकर और उसे बदनाम करने के लिए सभी संवैधानिक, वैध और प्रशासिनक नियमों को कचरे में फेंका जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी, ईडी, आयकर विभाग बंधुआ मजदूर की तरह कार्य कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धुन पर नाच रहे हैं।
To settle political scores in petty manner, cheap stunts are being done by the ruling party: @DrAMSinghvi
— Congress Live (@INCIndiaLive) December 8, 2018
भाजपा पर वाड्रा को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए सिंघवी ने कहा, “बीते 54 महीनों में मोदी सरकार ने राजनीतिक हिसाब बराबर करने के लिए वाड्रा को बदनाम करने और नुकसान पहुंचाने के लिए एक आपराधिक साजिश रची।” उन्होंने कहा, “इन सब में नाकाम रहने के बाद मोदी सरकार ने ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग सहित अपनी सभी एजेंसियों को बुरे इरादे के साथ वाड्रा को परेशान करने के लिए उनके पीछे लगा दिया।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईडी के जिन अधिकारियों ने वाड्रा व उनसे जुड़े लोगों के कार्यालयों व परिसरों पर छापे मारे, उन्होंने सभी नियमों की अवेहलना की। सिंघवी ने कहा कि बिना किसी प्राथमिकी या सर्च वारंट के वाड्रा के सहयोगियों, उनकी बहन व नोएडा स्थित बहन के ससुराल के घर पर भी छापा मारा गया। ये छापे पूर्णतया अवैध थे, क्योंकि किसी भी कर्मचारी व वकील को परिसर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस पूरी कार्रवाई के लिए चार कर्मचारियों को अवैध रूप से हिरासत में भी रखा गया।
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वाड्रा ने अपने वकील के माध्यम से 26 नवंबर और पांच दिसंबर को ईडी के पास 600 से ज्यादा पृष्ठों के दस्तावेजों के दो सेट भी जमा कराए थे। सिंघवी ने कहा कि विपक्षियों से राजनीतिक बदला लेने के लिए ईडी अधिकारियों को मोदी सरकार के निजी बंधुआ मजदूर व राजनीतिक एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा

