बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी की गुटबाजी सामने आ गई है। महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य भाई जगताप ने कहा है कि वर्षा गायकवाड़ को मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। भाई जगताप ने कहा है कि कांग्रेस ने बीएमसी में अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया है।
227 सदस्यों वाले बीएमसी में कांग्रेस को सिर्फ 24 सीटें मिली हैं। 2017 के चुनाव में पार्टी ने 31 सीटें जीती थी।
एमवीए के दलों के साथ नहीं लड़ा चुनाव
कांग्रेस ने महाविकास आघाडी (एमवीए) के घटक दलों के साथ चुनाव में गठबंधन नहीं किया था। पार्टी ने वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए), राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) गवई के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। कांग्रेस के सहयोगी दलों को एक भी सीट नहीं मिली।
भाई जगताप ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया, “जब उम्मीदवारों का चयन हुआ, तो मुझे बताया गया कि टिकट सर्वे के आधार पर बांटे गए हैं। मैंने उस समय आपत्ति नहीं जताई लेकिन जब मैंने सर्वे रिपोर्ट मांगी, तो मुझे दिखाई नहीं गई।”
कांग्रेस ने भाई जगताप को अनुशासनहीनता के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कांग्रेस की मुंबई इकाई के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि हालांकि चुनाव जिन हालात में हुए उन्हें देखते हुए पार्टी का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। सावंत ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने दृढ़ संकल्प के साथ संघर्ष किया और सत्ताधारी गठबंधन के दबाव के बावजूद जीत हासिल की।
बीजेपी को मिली सबसे ज्यादा सीटें
बीएमसी चुनाव में बीजेपी ने जीत हासिल कर उद्धव ठाकरे के परिवार का तीन दशक पुराना वर्चस्व समाप्त कर दिया। बीएमसी में बीजेपी ने 89 सीट, जबकि शिवसेना ने 29 सीट पर जीत हासिल की।
शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीट और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने छह सीट पर जीत हासिल की। एआईएमआईएम को आठ, एनसीपी को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल हुई।
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