‘शिक्षा, परिवहन से लेकर पर्यावरण तक का हाल देख लें। इसके बाद भी अगर लोगों को लगता है कि कांग्रेस की वापसी नहीं होगी तो फिर दिल्ली का भगवान ही मालिक है’। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अगुआई कर चुके और शीला दीक्षित की सरकार में अहम महकमे संभाल चुके अरविंदर सिंह लवली ने शनिवार को जनसत्ता बारादरी में ये बातें कहीं। उनसे पूछा गया था कि जिन लोगों ने कांग्रेस की सरकार से नाराज होकर आम आदमी पार्टी को वोट दिया था क्या आगामी चुनाव में वे कांग्रेस को पसंद करेंगे? इसके साथ ही लवली ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह शिक्षा के मुद्दे पर लोगों को ठग रही है।
अरविंदर सिंह लवली ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तल्ख होते हुए कहा कि राजनीतिक कहावत है कि आप जिस वजह से जीते हैं, उसे जारी रखें। उन्होंने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल साहब ठीक वही कर रहे हैं। बार-बार झगड़े करके खुद को सही साबित करने की कोशिश करते हैं। कोई ऐसी सरकार नहीं हो सकती, जो आपको काम करने से रोक दे’। कांग्रेस की सरकार को सिर्फ एंटी इनकंबैसी नहीं, भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण भी नकारा गया था। भ्रष्टाचार के पुराने मुद्दों पर कांग्रेस के पार पाने के सवाल पर लवली ने कहा कि चार साल अरविंद केजरीवाल सरकार के हो गए, पांच साल केंद्र की सरकार के हो गए। अगर ये कहते हैं कि हमने भ्रष्टाचार किया था तो हमें पकड़ कर जेल में क्यों नहीं डाल देते हैं।
चौरासी के सिख विरोधी दंगों पर आए ताजा फैसले पर कांग्रेस नेता ने कहा कि सिख समुदाय ने हमेशा कांग्रेस पर भरोसा किया है। दंगों के बाद दिल्ली में तीन विधानसभा कांग्रेस जीत चुकी है, पंजाब में दो बार हमारी सरकार बन चुकी है, जो हम पर जनता के भरोसे की मुहर लगाती है। कांग्रेस ने हमेशा से इस दंगे के दोषियों को दंड मिलने की हिमायत की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अकाली दल के समर्थन वाली भाजपा सरकार ने नहीं बल्कि शीला दीक्षित की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार ने गुरु तेगबहादुर स्मारक बनवाया। पंजाबी भाषा को दूसरी राज्यभाषा का दर्जा मिले, इसका फैसला किया। उन्होंने कहा कि सिख दंगों के जख्मों को सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए कुरेदा जाता है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली में बिना गठबंधन के चुनाव लड़ने और उसका फायदा भाजपा को मिलने के सवाल पर लवली ने कहा कि दिल्ली में हर वर्ग पर आज तीन तरफ से मार पड़ रही है। इसलिए यह चुनाव इस बात से ऊपर उठ चुका है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनाव इसकी निशानी हैं। लवली ने कहा कि 2014 के चुनावों के बाद राहुल गांधी मजबूती से चुनाव मैदानों में खड़े रहे और उनकी मेहनत रंग लाई है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में राहुल गांधी केंद्रीय सत्ता के मजबूत चेहरे के रूप में कबूल किए जाएंगे।

