उत्तराखंड में अंकित भंडारी मर्डर केस एक बार फिर से सुर्खियों में है। जगह-जगह इसको लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग अंकित भंडारी के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान सामने आया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि जांच में पहले भी किसी को बचाया नहीं गया है और भविष्य में भी किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

क्या आपको साजिश नहीं लगती?- सीएम धामी

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलेंगे और अपनी बेटी के लिए न्याय दिलाने के लिए उनकी मांग के अनुसार कार्रवाई करेंगे। देहरादून में मीडिया से बात करते हुए नए आरोपों के सामने आने के बाद अपनी सीएम धामी ने कहा कि राज्य में उनके काम में बाधा डालने के लिए एक साजिश चल रही है। उन्होंने कहा, “जब पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, तो वह भी एक ऑडियो से शुरू हुए थे। इस बार एक और ऑडियो क्लिप ने मौजूदा स्थिति को जन्म दिया है। क्या यह आपको कोई साजिश नहीं लगती?” उन्होंने कहा कि मुद्दों का राजनीतिकरण करने का एक पैटर्न है।

सीएम धामी ने कहा, “किसी को भी छोड़ा नहीं गया है और अगर उनके खिलाफ सबूत मिलते हैं तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।” अंकिता भंडारी 19 साल की रिसेप्शनिस्ट थी जो ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में काम करती थी। पूर्व बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे मैनेजर पुलकित आर्य ने उसकी हत्या कर दी थी। उसके लापता होने के छह दिन बाद और रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर शामिल होने के एक महीने से भी कम समय बाद उसका शव मिला था।

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किसे मिल चुकी है सजा?

मामले की जांच करने वाली SIT ने पाया था कि अंकिता भंडारी पर यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला जा रहा था और जब उसने इसका विरोध किया, तो उसकी हत्या कर दी गई। पुलकित आर्य को हत्या, यौन उत्पीड़न, सबूत मिटाने और अनैतिक तस्करी अधिनियम की धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था। हालांकि घटना के बाद से ही यह दावा किया जा रहा है कि अपराध के दिन होटल में एक VIP मौजूद था, लेकिन SIT ने कहा कि उसे कोई प्रभावशाली व्यक्ति नहीं मिला। संयोग से VIP एंगल की जांच के लिए CBI जांच की मांग वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, जिसे मार्च 2025 में यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि ट्रायल चल रहा है।

पूर्व बीजेपी विधायक के क्लिप से शुरू हुआ विवाद

दिसंबर में पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सानवार ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि VIP एक वरिष्ठ बीजेपी नेता था। बाद में उन्होंने एक और वीडियो पोस्ट किया, जिसमें सुरेश राठौर के साथ कथित बातचीत का एक ऑडियो क्लिप था, जिसमें उन्होंने VIP की पहचान गट्टू नाम के एक नेता के रूप में की थी। चूंकि ऑडियो से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि VIP बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम हैं। हालांकि दुष्यंत गौतम ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने उर्मिला, सुरेश और विपक्षी पार्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाई कोर्ट में जाकर उर्मिला सनवर, सुरेश राठौर और कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत अन्य लोगों पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया।

सीएम धामी ने कहा कि सरकार ने न्याय के लिए हर कदम उठाया है। उन्होंने कहा, “जब घटना हुई, तो हमने पुलिस को तुरंत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कहा। सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और हमने SIT का नेतृत्व करने के लिए एक महिला IPS अधिकारी को नियुक्त किया। उन्होंने परिवार और अन्य लोगों सहित उन लोगों से मुलाकात की जो पुलिस को मामले के बारे में जानकारी दे सकते थे। हमने अखबारों के जरिए लोगों से सबूतों के साथ आगे आने की अपील की। बाद में तीनों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई। लेकिन अब कई आरोपों वाला एक ऑडियो सामने आया है। फिर से हमने इसकी जांच करने और इन दावों की विश्वसनीयता की जांच करने के लिए एक SIT नियुक्त की है। हमने हमेशा कहा है कि हम किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। हमारा ट्रैक रिकॉर्ड दिखाता है कि जो भी दोषी पाया जाता है, उसे सज़ा मिलती है, लेकिन हमें ऑडियो क्लिप की सच्चाई की जांच करने की जरूरत है। उन्होंने कई लोगों के नाम लिए हैं। अगर जांच में किसी और का नाम सामने आता, तो उन्हें भी सज़ा मिलती। यहां तक कि उसी ऑडियो में भी विरोधाभास हैं। एक कहता है कि उसे मार दिया गया था और दूसरी जगह यह सुना जाता है कि उसने आत्महत्या की थी।”

अंकिता के माता-पिता से मिलेंगे धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अगर माता-पिता मांग करते हैं तो वे किसी भी जांच से पीछे नहीं हटेंगे। धामी ने कहा कि मैं उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलूंगा और चर्चा करूंगा कि क्या करने की ज़रूरत है। मैं उनकी बेटी के लिए न्याय दिलाने में मदद करने के लिए उनकी मांगों के साथ जाऊंगा।

उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ जांच के बारे में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस उनके ठिकानों का पता लगा रही है और उन्हें ढूंढने के लिए कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। सीएम धामी ने कहा कि उन्हें आगे आकर हमें बताना चाहिए कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा? सुरेश जी (राठौर) हमारी पार्टी में थे, लेकिन उन्हें इसी तरह की गतिविधियों के लिए पार्टी से निकाल दिया गया था। पुलिस उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रही है।

सीएम धामी ने यह भी कहा कि वह लोगों की मांगों को सुनते हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारे बच्चों ने कोई मुद्दा उठाया, तो हमने उनकी मांगों को स्वीकार किया और परीक्षा भी रद्द कर दी। हम अंकिता के लिए न्याय चाहते हैं, और वह हमारी बेटी है। मामले का राजनीतिकरण करने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विपक्ष ने लोगों का विश्वास खो दिया है, इसीलिए उन्हें ऐसा प्रतिकूल माहौल बनाना पड़ रहा है। (यह भी पढ़ें: अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच की मांग पर अड़ा विपक्ष)