बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों के कारण 14 से 16 जनवरी तक शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाले आबकारी विभाग के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि नियमों के मुताबिक, सरकार को मतदान दिवस से ठीक पहले और मतगणना दिवस पर इस तरह का प्रतिबंध लगाने की शक्ति स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है।

न्यायमूर्ति रविंद्र वी घुगे और अभय जे मंत्री की पीठ प्रगतिशील खुदरा शराब विक्रेताओं के संघ द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अदालत से मुंबई -उपनगरीय कलेक्टर, राज्य उत्पाद शुल्क विभाग द्वारा जारी आदेश को रद्द करने और निरस्त करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

सरकार के पास मतदान से पहले शराब की बिक्री पर बैन लगाने की शक्ति

पीठ ने टिप्पणी की कि महाराष्ट्र विदेशी शराब (नकद बिक्री, बिक्री पंजीकरण) नियम, 1969 के नियम 9-A (2) (C) (2) में मतदान दिवस से ठीक पहले और मतगणना दिवस पर इस तरह का प्रतिबंध लगाने की शक्ति स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है। अदालत ने कहा कि वह उचित समय पर संबंधित नियम को लेकर याचिकाकर्ता की चुनौती पर विचार कर सकती है और यह तय कर सकती है कि क्या यह मनमाना है और वाणिज्यिक गतिविधि और पेशे और व्यवसाय के अधिकार पर प्रतिबंध लगाता है। अदालत ने कहा कि इन नियमों को देखते हुए कोई अंतरिम राहत नहीं दी जाएगी।

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याचिका में आदेश में संशोधन की भी मांग की गई थी कि शराब की बिक्री पर प्रतिबंध केवल 15 जनवरी को मतदान के दिन और मतदान के समय (सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक) तक ही लागू रहे, उसके बाद नहीं। याचिका में न्यायालय से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135-C के प्रभाव और अनुप्रयोग को रद्द करने का निर्देश देने की भी मांग की गई, जो चुनावों के दौरान शराब पर प्रतिबंध लगाती है। साथ ही यह घोषणा करने की मांग की गई कि संबंधित प्रावधान बीएमसी चुनावों पर लागू नहीं होगा।

BMC Elections: 3 दिन तक शराब की ब्रिक्री पर रोक

याचिकाकर्ता संघ का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता सुरेश सबराड ने तर्क दिया कि ढाई दिन तक शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपूरणीय क्षति होगी। उन्होंने दावा किया कि 14 जनवरी को शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि उस दिन न तो चुनाव प्रचार होगा और न ही मतदान।

अदालत को सूचित किया गया कि संबंधित कलेक्टर ने 9 जनवरी को एक आदेश जारी कर मतदान की तारीख से एक दिन पहले (14 जनवरी), वास्तविक मतदान की तारीख (15 जनवरी) और 16 जनवरी को मतों की गिनती और परिणामों की घोषणा के लिए लगने वाली अवधि (सुबह 10 बजे से परिणाम घोषित होने तक) के दौरान शराब की बिक्री पर रोक लगा दी थी।

बीएमसी चुनाव के दौरान कब से कब तक रहेगी शराब की बिक्री पर रोक?

महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सरकारी वकील (एजीपी) प्रियंका चव्हाण ने मुंबई उपनगर के उप अधीक्षक मनोज चव्हाण के निर्देशों पर कहा कि कम मतदाताओं वाले वार्डों के लिए ईवीएम के आधार पर परिणाम 2 से 3 घंटे के भीतर घोषित किए जाएं। सरकारी वकील ने यह भी कहा कि चूंकि वोटों की गिनती में 2 से 3 घंटे से अधिक समय नहीं लगेगा इसलिए परिणाम घोषित होते ही 16 जनवरी को शराब की बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटा लिया जाएगा।

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