बिहार सरकार की ओर से भले ही राज्य में सुशासन के लाख दावे किए जा रहे हों, लेकिन जब सत्तासीन पार्टी के ही पदाधिकारी न्याय की गुहार लेकर मंत्री के पास पहुंच जाए, तो ऐसी बातों की पोल खुल जाती है। मामला न्याय मंत्री प्रमोद कुमार के जनता दरबार का है, जहां भाजपा के महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष को ही न्याय के लिए फरियादी बनकर पहुंचना पड़ा। इतना ही नहीं उन्हें मंत्री से यहां तक कहना पड़ा कि बिहार पुलिस पूरी तरह बेलगाम हो गई है और वह किसी की नहीं सुनती।
क्या शिकायत लेकर पहुंचीं भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष?: बताया गया है कि भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष विनीता मिश्रा ने जनता दरबार में पहुंचकर रोने लगीं। यहां उन्होंने मंत्री प्रमोद कुमार से बताया कि उनकी बेटी का प्रेम विवाह हुआ था। लेकिन दो साल बाद दहेज के कारण उसकी हत्या हो गई। इस मामले में गांधी मैदान थाना पुलिस ने चार साल में चार्जशीट दाखिल की है।
विनीता मिश्रा ने शिकायत में कहा कि वे 2016 से ही अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए दर-दर भटक रही हैं, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बारे में तीन बार सीएम नीतीश कुमार को भी लिखा गया। लेकिन वहां से कहा गया कि इस मामले को डीजीपी को भेज दिया गया है। बाद में इस मामले में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से लेकर बड़े-बड़े पुलिस अधिकारियों से भी अपील की गई, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। गांधी मैदान पुलिस इस दौरान जांच में देरी करती रही।
मंत्री बोले- लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई: महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष ने कहा कि जब हम जैसे लोगों को न्याय नहीं मिलेगा तो हम किसी दूसरे कार्यकर्ता को न्याय कैसे दिलवा पाएंगे। इस दौरान वे भावुक हो गईं। हालांकि, विधि मंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए पूरे मामले की तहकीकात के साथ पुलिस लापरवाही की भी जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

