महाराष्ट्र के अमरावती नगर निगम के चुनाव में बीजेपी के 22 उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को पत्र लिखा है। इन सभी नेताओं ने पूर्व सांसद नवनीत राणा को पार्टी के खिलाफ प्रचार करने के आरोप में निष्कासित करने की मांग की है। इन 22 उम्मीदवारों में से दो उम्मीदवार 15 जनवरी को हुए निकाय चुनावों में जीत गए जबकि 20 को हार का सामना करना पड़ा।
इन नेताओं ने आरोप लगाया कि अमरावती से पूर्व सांसद नवनीत राणा ने बीजेपी के उम्मीदवारों को ‘डमी’ (नाममात्र के उम्मीदवार) करार दिया और अपने पति रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवारों का बीजेपी का असली उम्मीदवार बताया।
नगर निकाय चुनाव से पहले बीजेपी और विधायक रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी ने गठबंधन तोड़ दिया था।
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बीजेपी को मिली 25 सीटें
बीजेपी ने 87 सदस्यीय अमरावती नगर निगम में 25 सीट जीतीं, युवा स्वाभिमान पार्टी और कांग्रेस को 15-15, एआईएमआईएम को 12, एनसीपी को 11, शिवसेना और बहुजन समाज पार्टी को तीन-तीन, शिवसेना (यूबीटी) को दो और वंचित बहुजन आघाडी को एक सीट पर जीत मिली।
पिछले चुनाव में बीजेपी ने 45 सीट जीती थीं और युवा स्वाभिमान पार्टी को तीन सीट पर जीत हासिल हुई थी।
नवनीत राणा ने किया हमारे खिलाफ प्रचार
हार का सामना करने वाले 20 और जीतने वाले दो प्रत्याशियों ने शनिवार को फड़नवीस को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उनकी हार जनता के कारण नहीं बल्कि नवनीत राणा की वजह से हुई। उन्होंने कहा, ‘‘हम पार्टी के समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता हैं तथा समाज से जुड़े हैं लेकिन इस चुनाव में हमारी हार विपक्ष के कारण नहीं, बल्कि वरिष्ठ बीजेपी नेता नवनीत राणा द्वारा पार्टी के खिलाफ खुले तौर पर प्रचार किए जाने के कारण हुई है।’’
इन सभी नेताओं ने नवनीत राणा को बीजेपी से निष्कासित करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि अगर उन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया तो वह भविष्य में अमरावती शहर में पार्टी का अस्तित्व मिटा देंगी।
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