बीजेपी ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले की कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद में ऐसे शख्स को मनोनीत पार्षद नियुक्त किया, जो यौन उत्पीड़न के मामले में सह-आरोपी है। इस शख्स का नाम तुषार आप्टे है।
यौन उत्पीड़न का यह मामला एक स्कूल में हुआ था और उस वक्त तुषार आप्टे स्कूल प्रबंधन का सचिव था। यौन उत्पीड़न के इस मामले के खिलाफ बदलापुर में जोरदार प्रदर्शन हुए थे।
तुषार आप्टे को मनोनीत पार्षद नियुक्त करने से विवाद खड़ा हो गया और कुछ ही घंटों के भीतर आप्टे को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। लोगों ने गंभीर आरोपों का सामना कर रहे शख्स की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए और विपक्षी दलों ने बीजेपी पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया।
सुप्रिया सुले ने की थी निंदा
एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने असंवेदनशीलता की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने इस घटनाक्रम की कड़ी निंदा की। बताया जाता है कि महाराष्ट्र में बीजेपी की राज्य इकाई ने मामले का संज्ञान लिया और निर्देश जारी किए। आप्टे ने कहा है कि उन्होंने पार्टी की छवि और स्कूल की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए इस्तीफा दिया है।
तुषार आप्टे को मनोनीत पार्षद के रूप में नियुक्त करने की पुष्टि कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद की अध्यक्ष रुचिता घोरपड़े ने की थी। शुक्रवार को कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद में पांच मनोनीत पार्षदों का चयन किया गया। इनमें से बीजेपी और शिवसेना के दो और एनसीपी की ओर से एक पार्षद को मनोनीत किया गया।
‘बीजेपी करे तो अमर प्रेम, हम करें तो लव जिहाद…’
तुषार आप्टे के अलावा जिन लोगों को पार्षद बनाया गया था, उनमें शगुफा गोरे (बीजेपी), प्रभाकर पाटिल (एनसीपी), और दिलीप बैकर व हेमंत चतुरे (शिवसेना) शामिल हैं।
अदालत में विचाराधीन है मामला
यौन उत्पीड़न के मामले में POCSO की धारा 21(2) के तहत स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अपराध की सूचना अफसरों को न देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। घटना के 44 दिन बाद तुषार आप्टे को गिरफ्तार किया गया और 48 घंटे में उन्हें जमानत मिल गई थी। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
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क्या है यह पूरा मामला?
स्कूल परिसर में अक्षय शिंदे नामक युवक ने दो नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया था, जिसके बाद अभिभावकों और आम लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला था। अक्षय शिंदे को अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया गया था।
23 सितंबर को अक्षय शिंदे को नवी मुंबई की तलोजा जेल से पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा था, तभी पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि शिंदे ने वैन में एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर गोली चला दी, जिसके जवाब में हुई गोलीबारी में वह मारा गया। उसे उसकी पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए एक अन्य मामले में पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा था।
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