बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने की बैठक होने के बाद LJP के शीर्ष नेता रामविलास पासवान और उनके बेटे चिराग मुंबई से लौट आए। दोनों करीब एक सप्ताह तक मुंबई में रहने के बाद वापस लौटे। हालांकि जब रविवार (23 दिसंबर, 2018) को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीट बंटवारे के लिए दिल्ली में मीटिंग की तो दोनों एलजेपी नेता सुबह के वक्त राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंच गए। खास बात यह है कि दिल्ली में जब बिहार लोकसभा सीट बंटवारे की घोषणा की गई तो तब एलजेपी प्रमुख राम विलास पासवान ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली को धन्यवाद दिया। सीट बंटवारे की घोषणा के वक्त अरुण जेटली तब वहां मौजूद नहीं थे। इंडियन एक्सप्रेस के दिल्ली कॉन्फिडेंशियल में छपी खबर के मुताबिक पासवास ने जेटली को स्पष्ट रूप से धन्यवाद दिया, क्योंकि उन्होंने एलजेपी और जद (यू) के साथ विचार-विमर्श करके इस मुद्दे को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानना चाहिए कि भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को घोषणा की कि बिहार में 2019 के लोकसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी 6 सीटों पर और भाजपा-जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। इसके अलावा लोजपा प्रमुख राम विलास पासवान को राज्यसभा की एक सीट देने पर भी सहमति जताई। घंटे भर चली बैठक के बाद अमित शाह ने कहा, ‘बिहार में 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा व जद (यू) प्रत्येक 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी जबकि लोजपा छह सीटों पर चुनाव लड़ेगी।’ शाह ने कहा कि सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने में सहमति जताई है। उन्होंने भरोसा जाहिर किया एनडीए बिहार में 2019 में 2014 की तुलना में अधिक सीट जीतेगा।
इस दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि एक संयुक्त अभियान चलाया जाएगा और एनडीए के राज्य नेताओं द्वारा एक अंतिम मसविदा तैयार किया जाएगा। सीएम नीतीश ने कहा कि एनडीए मजूबती के साथ चुनाव लड़ेगा और वह साल 2009 के परिणामों को दोहराएगा जब भाजपा और जेडीयू गठबंधन ने मिलकर चुनाव लड़ा और 40 में से 32 सीटों पर जीत हासिल की।

