भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को अब दूसरी राजनीतिक पार्टियां अपने पाले में लाने में जुट गई है। आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व कैबिनेट मंत्री तेज प्रताप यादव ने सार्वजनिक रूप से सिन्हा को पार्टी में शामिल होने का न्योता तक दे डाला। दरअसल जनता दरबार के दौरान पत्रकारों ने उनसे शत्रुघ्न सिन्हा के आरजेडी में आने की संभावनाओं के बारे में सवाल पूछा था। आरजेडी नेता ने कहा, ‘शत्रुघ्न चाचा से तो बातचीत होती रहती है। उनके घर भी गए हैं। खाना खाया है। रामायण में बंबई भी गए है।’ तेजस्वी ने मजाकिया लहजे में शर्त रखते हुए कहा कि वह (सिन्हा) जनता दरबारे में आ जाएं उनके।
बता दें कि रविवार (21 जनवरी, 2019) को सिन्हा ने मोदी सरकार पर एक बार फिर हमला करते हुए कहा कि कोलकाता की रैली ‘भारत के लोकतंत्र को बर्बाद होने से बचाने’ के लक्ष्य से आयोजित की गई थी। यहां उन्होंने कई विपक्षी नेताओं के साथ मंच साझा किया था। अभिनेता से नेता बने सिन्हा पटना साहिब से सांसद हैं। रैली में अपनी मौजूदगी से उन्होंने पार्टी को चिंता में डाल दिया। उन्होंने रैली में मंच से कहा कि मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में ‘लोकशाही’ की जगह ‘तानाशाही’ है। ‘लोकशाही’ अटल-आडवाणी के दौर की विशेषता थी। इसके बाद सिन्हा ने इस रैली को लेकर ट्वीट भी किए।
उन्होंने कोलकाता में आयोजित रैली के बारे में कहा, ‘परिवर्तन के समर्थन में इस गठबंधन की एकता को समर्थन देने के लिए लाखों लोग आए। यह एक अद्भुत रैली थी और विशाल संख्या में श्रोता यहां पहुंचे थे।’ इस रैली का आयोजन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने किया था।
जानना चाहिए कि शनिवार को आयोजित रैली में 22 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर आए और नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए साथ लड़ाई लड़ने की घोषणा की। रैली में कहा गया कि ‘‘मोदी सरकार की ‘एक्सपायरी डेट’ (उपयोग करने की अवधि) खत्म हो गई है।’’ वहीं दूसरे ट्वीट में सिन्हा ने इस रैली के आयोजन के लिए ममता बनर्जी की तारीफ की। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि पार्टी ने विपक्ष की रैली में सिन्हा की उपस्थिति का ‘संज्ञान’ लिया है। (भाषा इनपुट)
