बिहार के गया से एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां अस्पताल में घंटों एक भाई अपनी बहन के शव को जाने के लिए सरकारी वाहन के इंतजाम में लगा रहा लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद भी किसी ने उसकी नहीं सुनी। बताया जा रहा है कि युवक को अस्पताल के वार्ड से शव को बाहर ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं दिया गया था। इसके बाद युवक अपनी बहन का शव कंधे पर लेकर अस्पताल के बाहर आया और लोगों की मदद से प्राइवेट एंबुलेंस के जरिए शव घर ले गया।
क्या है मामला: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गया जिले के डुमरिया के पथरा गांव की हेमवती कुमारी (21) बुधवार इलाज के दौरान अनुग्रह नारायण मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। जिसके बाद हेमवती के भाई राहुल ने शव को घर तक ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन से शव वाहन की मांग की। बताया जा रहा है कि उसे शव वाहन की मांग करते-करते शाम के 5 बजे गए लेकिन वाहन नहीं मिल पाया। इस दौरान उसने अस्पताल अधीक्षक से मिले 102 नबंर को डायल कर शव वाहन की मांग की। लेकिन आरोप है कि इसका ड्राइवर नशे में धुत था और शव ले जाने वाली जगह डुमरिया को नक्सल प्रभावित बताकर जाने से मना कर दिया।
बताया जा रहा है कि जब अस्पताल अधीक्षक को शव वाहन के ड्राइवर के नशे में होने की सूचना दी गई तो उन्होंने एबुलेंस की निगरानी करने वाले जिले के एसएमओ को इस मामले से अवगत कराकर पल्ला झाड़ किया। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस शर्मसार करने वाली घटना के बाद डीएम ने अस्पताल अधीक्षक ने मामले का संज्ञान लिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

