बिहार में मंत्री के घर से शराब की बोतलें मिलने पर शुरू हुआ सियासी बवाल अब थमने लगा है। मंत्री ने इस मामले में जरूरी कागजात सार्वजनिक किया तो विपक्ष का दांव उलटा पड़ने लगा। इसके पहले उन पर हमलावर हुआ विपक्ष ने सड़क से लेकर राजभवन तक मार्च किया, लेकिन वह बेअसर हो गया। प्रदेश सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री ने कहा, विपक्ष ने उनका चीरहरण किया है। उन्होंने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि “जनता जानती है कि हमारा खानदान कैसा और उनका खानदान कैसा है।”
भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रामसूरत राय ने कहा कि उनके भाई से काफी पहले उनका बंटवारा हो चुका है। उसके बाद उनके भाई ने जमीन खरीदी और किसी को स्कूल चलाने के लिए लीज पर दे दी थी। यह बोतलें वहीं मिली थीं। विपक्ष के ढीले पड़ने के बाद सत्ता पक्ष विपक्ष पर हमलावर हो गया।
मंत्री ने कहा कि तेजस्वी को नियमावली का भी ज्ञान नहीं है। कहा, “तेजस्वी यादव को मामले की पूरी जानकारी नहीं थी। अब उनको एहसास हो गया कि उन्होंने गलत मुद्दा उठाया था। नेता प्रतिपक्ष को सत्य को समझ-बूझकर मुद्दे को उठाना चाहिए।”
जदयू नेता और बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा “तेजस्वी यादव सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि किसी तरह से कार्यवाही बाधित हो। मंत्री रामसूरत राय को लेकर जिस तरह उन्होंने विरोध किया वह जल्दबाजी में किया था। मंत्री की भूमिका उसमें नहीं थी और पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है।”
रामसूरत राय भाजपा के विधायक हैं। पार्टी ने इन्हें भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री बनाया है। रामसूरत राय उसी जाति से आते हैं जिस वोट बैंक पर दावा तेजस्वी यादव का है। ऐसे में भाजपा नेताओं ने कहा कि वह यादव जाति से आते हैं, तेजस्वी यादव नहीं चाहते कि यादव जाति से दूसरा कोई नेता आगे बढ़े

