बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रियों के विभाग का बंटवारा कर दिया है। बिहार में पहली बार सीएम नीतीश कुमार के पास गृह विभाग नहीं रहेगा। इसके पहले जब-जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने, गृह विभाग उनके पास ही था। बिहार में गृह विभाग सम्राट चौधरी को मिला है, जो राज्य के उपमुख्यमंत्री भी हैं। वहीं दिलीप जायसवाल उद्योग मंत्री बने हैं। अभी तक केवल 18 मंत्रियों का विभाग बांटा गया है। जेडीयू कोटे के मंत्रियों का विभाग अभी तक सावर्जनिक नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश समेत 27 नेताओं ने शपथ ली है।

किस नेता के पास कौन सा विभाग?

रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने अहम विभाग अपने पास रखे हैं। सम्राट चौधरी को गृह विभाग के अलावा दिलीप जायसवाल को उद्योग विभाग, नितिन नबीन को PWD, रामकृपाल यादव को कृषि विभाग, विजय सिन्हा को भूमि, राजस्व और खनन विभाग, मंगल पांडे को स्वास्थ्य, विधि विभाग, संजय टाइगर को श्रम संसाधन विभाग, नारायण प्रसाद को आपदा प्रबंधन और प्रमोद चंद्रवंशी को सहकारिता, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग मिला है।

बीजेपी के अरुण शंकर को पर्यटन और कला विभाग, सुरेंद्र मेहता को पशु, मत्स्य संसाधन विभाग, नारायण प्रसाद को आपदा प्रबंधन विभाग, रमा निषाद को पिछड़ा-अति पिछड़ा विभाग, लाखेंद्र पासवान को SC- ST कल्याण विभाग, श्रेयसी सिंह को सूचना और खेल विभाग मिला है।

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सहयोगियों को क्या मिला?

लोजपा (रामविलास) को दो विभाग गन्ना उद्योग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मिला है। जबकि लघु जल संसाधन विभाग हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को पंचायती राज विभाग मिला है।

बिहार में एनडीए को प्रचंड जीत मिली है जबकि महागठबंधन की करारी हार हुई है। बिहार में एनडीए को 202 सीट, जबकि महागठबंधन महज 35 सीटों पर सिमट गया। वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM 5 और बीएसपी को एक सीट मिली है।