कर्नाटक में कोलार जिले के नरसापुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित यूनिट ‘Wistron Kolar Plant’ में हुई हिंसा के बाद अब बड़े नुकसान की बात कही जा रही है। ‘Times Of India’ की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की तरफ से पुलिस और श्रम विभाग के पास जो शिकायत दर्ज कराई गई है उसमें कहा गया है कि हिंसा के दौरान हजारों iPhone लूट लिये गये औऱ कंपनी को 437 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। शिकायत में कहा गया है कि फैक्ट्री के सामानों को काफी नुकसान भी पहुंचा है। इधर इस हिंसा पर कर्नाटक के श्रम मंत्री शिवराम हेबर ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि जिस तरह से कंपनी के अंदर तोड़फोड़ की गई है वो कतई स्वीकार योग्य नहीं है।

सरकार की तरफ से कहा गया है कि Wistron और संविदा पर रखे गए श्रमिकों के बीच करीब 3 महीने से मनमुटाव चल रहा था। श्रम मंत्री ने यहां बताया कि कोलार यूनिट के लिए 8,900 लोगों को हायर करने के लिए 6 सहायक कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया गया था। कंपनी के पास 1,200 परमानेंट कर्मचारी थे।

उद्योग मंत्री जगदीश शेट्टर ने कहा कि विस्ट्रॉन, कॉन्ट्रैक्टर्स और कर्मचारियों के बीच हुई गलतफहमी की वजह से ही शायद यह हिंसा हुई है। मंत्री ने कहा कि ‘कंपनी ने श्रमिकों के कॉन्ट्रैक्टर को पेमेंट दिया था। उन्होंने श्रमिकों को उनका वेतन देने में देरी कर दी। इसकी जांच की जा रही है। श्रम मंत्री ने बताया कि विस्ट्रॉन को नोटिस जारी किया गया है और फर्म को कहा गया है कि वो अपनी बकाया राशि का भुगतान तीन दिनों के अंदर करें।

हिंसा के बाद अब ताइवान की कंपनी विस्ट्रॉन कॉरपोरेशन ने कहा है कि कर्नाटक के कोलार जिले में स्थित उसके संयंत्र में कुछ कर्मचारियों द्वारा बकाया वेतन के मुद्दे पर की गई हिंसा के चलते उसे 437.40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं पुलिस ने भी साफ किया है कि वेतन संबंधी मुद्दों पर शनिवार को हुई इस हिंसा में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने कथित रूप से आगजनी, हिंसा और लूट की।

आपको बता दें कि इस हिंसा के दौरान कर्मचारियों ने इमारत, वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और आग लगाई और मशीनों तथा कंप्यूटरों सहित महंगे उपकरणों को तोड़ा था। कंपनी के कार्यकारी टी डी प्रशांत ने वेमगल पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा कि 412.4 करोड़ रुपये मूल्य के कार्यालय उपकरण, मोबाइल फोन, विनिर्माण मशीनरी और संबंधित उपकरण नष्ट हो गए।

इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 10 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, करीब 60 लाख रुपये की कार क्षतिग्रस्त हुई हैं और 1.5 करोड़ रुपये का सामान चोरी हुआ है या खो गया है। अब तक इस मामले में पुलिस ने अब तक 149 लोगों को गिरफ्तार किया है और कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। इस बीच, विस्ट्रॉन इंडिया के प्रबंध निदेशक सुदीप्तो गुप्ता ने एक बयान में कहा कि कंपनी अपने नरसापुरा संयंत्र में हुई घटनाओं से गहरे सदमे में है।

‘NDTV’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक ‘Apple’ कंपनी की तरफ से कहा गया है कि ‘Apple अपनी आपूर्ति श्रृंखला के प्रति समर्पित है और सभी के साथ सम्मान व्यवहार किया जाता है। हमारे पास जमीन पर टीमें हैं और तुरंत Wistron की नरसापुरा सुविधा में विस्तृत जांच शुरू की है।’

इनपुट – भाषा