असम में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी दलों की अलग-अलग खेमेबंदी से अधिकांश जगह त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन रही है। राज्य में नागरिकता संशोधन कानून की खिलाफत करने वाले दल अपने अंतर्विरोध भूल एकसाथ दिख रहे हैं। रायजोर दल (आरडी) और असम जातीय परिषद (एजेपी) का गठबंधन सीएए विरोध के नाम पर हुआ है। कांग्रेस ने इन्हें अपने साथ लेने की भरसक कोशिश की थी। लेकिन बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआइयूडीएफ से गठबंधन के कारण ये दल कांग्रेस के साथ नहीं आए।

कुछ सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई को भाजपा अपने पक्ष में बता रही है। वहीं कांग्रेस की नजर चुनाव में अभी भी इन दलों से आपसी समझ बनाने पर है। रायजोर दल ने भी केवल 18 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही है। भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में क्षेत्रीय असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) शामिल है। जबकि कांग्रेस पार्टी के गठबंधन में एआइयूडीएफ के अलावा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ), आंचलिक गण मोर्चा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी शामिल हैं। निचले असम में मौलाना बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआइयूडीएफ की अच्छी पकड़ है। तीसरी शक्ति के तौर पर रायजोर दल (आरडी) और असम जातीय परिषद (एजेपी) का गठबंधन मैदान में है। ये दोनों पार्टियां नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान उभरी हैं।

कांग्रेस भी इस कानून का विरोध कर रही है। दूसरी ओर, भाजपा का मानना है कि चुनाव में नागरिकता संशोधन कानून कोई मुद्दा नहीं है। जबकि कांग्रेस और अन्य दल इसे अपने मुद्दों की सूची में लगातार ऊपर बनाए हुए हैं। नागरिकता संशोधन कानून के अलावा आदिवासियों का रुख भी अहम बन रहा है। कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ गमछे इकठ्ठा कर और चाय बगानों में काम करने वालों की न्यूनतम दिहाड़ी बढ़ाने की गारंटी देकर इन मुद्दों को चुनाव के केंद्र में ला दिया है।

कांग्रेस ने 365 रुपए प्रतिदिन मजदूरी की गारंटी दी है। असम में आदिवासी वर्षों से चाय बगानों में काम करते आ रहे हैं। सीएए के साथ उनके सामने कई और चुनौतियां भी हैं। इनमें सबसे बड़ी मुश्किल मजदूरी है। आदिवासी अमूमन क्षेत्रीय पार्टियों को वोट करते रहे हैं, पर पिछले चुनाव में छिटककर भाजपा की तरफ चले गए थे।

तिकोनी लड़ाई
कुछ सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई को भाजपा अपने पक्ष में बता रही है। वहीं कांग्रेस की नजर चुनाव में अभी भी इन दलों से आपसी समझ बनाने पर है। रायजोर दल ने भी केवल 18 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही है।

गठबंधन का पेच
भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में क्षेत्रीय असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) शामिल है। जबकि कांग्रेस पार्टी के गठबंधन में एआइयूडीएफ के अलावा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ), आंचलिक गण मोर्चा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी शामिल हैं। निचले असम में मौलाना बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआइयूडीएफ की अच्छी पकड़ है। तीसरी शक्ति के तौर पर रायजोर दल (आरडी) और असम जातीय परिषद (एजेपी) का गठबंधन मैदान में हैं।