भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल कंवलजीत सिंह ढिल्लो ने शुक्रवार को एक पासआउट परेड में जम्मू-कश्मीर के नौजवानों को आतंक की राह नहीं चुनने की सलाह दी। इस परेड में जनरल ढिल्लो ने कश्मीरी महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बेटों को आतंकवाद से दूर रहने के लिए कहें। बता दें कि इस पासआउट परेड के जरिए घाटी के 152 युवक सेना में शामिल हुए।

क्या बोले जनरल ढिल्लो : सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ने शुक्रवार को घाटी की महिलाओं से अपील करते हुए कहा, ‘‘अगर आपके बेटे आतंकवादियों के बहकावे में आते हैं तो आपको और आपके बच्चे दोनों को नुकसान होगा।’’ इस दौरान उन्होंने पहले से हथियार उठा चुके युवकों को भी सही रास्ते पर आने की सला दी। जनरल ढिल्लो ने यह भी कहा कि अगर आतंक की राह छोड़कर कश्मीरी युवक सरेंडर कर देते हैं तो सेना उन्हें मौके भी देगी।

घाटी में सक्रिय हैं आतंकी : बता दें कि घाटी में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी कश्मीरी युवकों को भटकाकर उन्हें अपने साथ शामिल कर लेते हैं। ऐसे में सेना उन्हें सीधे रास्ते पर लाने की हर संभव कोशिश करती है। बता दें कि घाटी में आतंकवादियों की पकड़ काफी अच्छी है, जिसका फायदा उठाकर वे नौजवानों को भड़काते हैं।

पहले भी ऐसी सभा कर चुकी है सेनाः जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सेना ने 19 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें घाटी की महिलाओं से आह्वान किया गया था कि वे अपने बेटों को आतंकवाद से दूर रखें। वहीं, घाटी के भटके युवकों को सरेंडर करने के लिए भी कहा गया था। बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा हमले में जम्मू-कश्मीर निवासी एक युवक ने सीआरपीएफ के काफिले में शामिल एक बस से विस्फोटक भरी कार टकरा दी थी। इस हमले में 40 जवानों को शहीद हो गए थे। कश्मीर निवासी यह युवक जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी बन गया था।