BJP की त्रिपुरा इकाई में बड़ी खटपट की आहट आई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि वहां मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के खिलाफ उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। बड़े समूह में बीजेपी वर्कर्स ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। वे इस दौरान जोर-जोर से ‘बिप्लब हटाओ, भाजपा बचाओ…’ चिल्लाने लगे थे। हालांकि, पार्टी में स्टेट ऑब्जर्वर विनोद कुमार सोनकर ने इस पर कहा कि दल में कोई मतभेद नहीं है। ऑल इज वेल है (सब कुछ ठीक है)।
दरअसल, सोनकर रविवार को अगरतला स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक ले रहे थे। इसी बीच, बाहर पार्टी के ही कई कार्यकर्ता ‘बिप्लब हटाओ, बीजेपी बचाओ’ के नारे लगा रहे थे। दो दिन के अपने दौरे पर सोनकर विधायकों, सांसदों, शीर्ष नेताओं और सीएम देब से भी मिले। राज्य में स्टेट ऑब्जर्वर के तौर पर यह उनका पहला दौरा था। वैसे, साल 2018 में सोनकर त्रिपुरा आए थे, पर तब वह पार्टी के एससी मोर्चा के प्रभारी थे।
राज्य से निकलने से पहले उन्होंने पत्रकारों को बताया, “हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं का संगठन है। हमारा पहला काम उनकी बातें सम्मान के साथ सुनना है। चूंकि, राज्य में लंबे वक्त से कोई प्रभारी (ऑब्जर्वर) नहीं है, इसका मतलब ये नहीं है कि कोई भी कुछ भी कहेगा। उनमें से किसी को भी शिकायत नहीं है। सब कुछ ठीक है। मैं सबसे खुद बात करूंगा, पर एक बार में सबसे बात करना असंभव है।”
बकौल सोनकर, “प्रभारी से मिलने के लिए उत्साह देखा गया। यह दर्शाता है कि सूबे में बीजेपी की जमीन कितनी मजबूत है।” जिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने बिपल्ब कुमार देब के खिलाफ नारेबाजी की थी, वे कौन थे? यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि मीडिया ने जब उन लोगों से बात करना चाहा था, तो उन्होंने साफ इन्कार कर दिया था।
बता दें कि अक्टूबर में इसी साल बीजेपी विधायकों का एक समूह बीजेपी चीफ जेपी नड्डा से मिलने पहुंचा था। हालांकि, त्रिपुरा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुदीप रॉय बर्मन के नेतृत्व में पहुंचे ये विधायक तब संगठन के ढांचे और सियासी समीकरण को लेकर उनके पास चर्चा के लिए गए थे, न कि किसी की शिकायत करने। ये बात पूर्व में खुद उन नेताओं ने भी बताई थी।

