सैफई महोत्सव के दौरान अपने गांव में रह रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राजनीतिक गतिरोधों के बावजूद आंनद लेने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पर्यावरण प्रेमी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को साइकिल की सवारी करना बेहद पंसद है। इसी कारण वे हरसंभव साइकिल चलाने की कोशिश करते हैं। जैसे ही उनको समय मिलता है वे साइकिल की सवारी करके अपने आप को तरोताजा करने का प्रयास करते हैं।
इसी कड़ी में शुक्रवार की सुबह सीएम अखिलेश यादव ने अपने गांव सैफई से सैफई हवाई पट्टी तक साइकिल से यात्रा की। उनके साथ बदांयू के सांसद धर्मेंद्र यादव, मैनपुरी के सांसद तेजप्रताप सिंह यादव, आइजीसीएल के चेयरमैन अनुराग भदौरिया ने भी साइकिल चलाई।
सैफई गांव से निकलने के बाद बधुइया गांव के पास कुछ अग्रेजों को देखने के बाद खुद व खुद मुख्यमंत्री वहां पर रुके और उनसे इस इलाके में आने की बाबत जानकारी चाही। मालूम हुआ कि वे किसी देश के रिपोर्टर थे जिनके पास कैमरे आदि थे। मुख्यमंत्री ने उन सभी से परिचय लेने के बाद उनके अनुरोध पर ही उनके साथ फोटो खिंचवाया। बताया कि विदेशी रिपोर्टर पर्यावरण पर किसी रिपोर्ट को तैयार करने के लिए आए हुए हैं। इस बात की जानकारी पहले से मुख्यमंत्री या फिर स्थानीय प्रशासन को नहीं थी।
शायद वे लोग आगरा आने के बाद इटावा और सैफई इलाके के भ्रमण पर आए थे। सैफई गांव से हवाई पट्टी पहुंचने पर वहां पर धने कोहरे की चादर देखने को मिली लेकिन इसके बावजूद भी मुख्यमंत्री के अलावा सभी लोगों ने काफी देर तक साइकिल चला कर सुबह सर्दी के दौरान आंनद लेने में कोई कसर नही छोड़ी। बताते चले कि मुख्यमंत्री के ही प्रयासों के चलते 2006 में समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न साइकिल को बढ़ावा देने के इरादे से सैफई महोत्सव में साइकिल मैराथन को जोड़ा गया। इसके बाद से बडेÞ पैमाने पर साइकिल का के्रज आम लोगों में बढ़ता दिख रहा है। यह अलग बात है कि मुख्यमंत्री ने इस दफा साइकिल मैराथन को सैफई महोत्सव से अलग कर दिया है।
2012 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार पर काबिज होने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर बडेÞ-बड़े महानगरों के अलावा अहम शहरों में साइकिल ट्रैकों का निर्माण कराया है। कई जगह अभी भी इस योजना पर काम चल रहा है। साइकिलिंग को बढ़ावा देने के इरादे से मुख्यमंत्री प्रदेश भर में साइकिल ट्रैक बनाने का योजना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री अमूमन कहते हैं कि साइकिल को चलाने से शारीरिक तौर पर व्यक्ति स्वस्थ्य रहता है। इसी कारण साइकिल का संचालन बेहद आवश्यक है। सैफई के पुलिस उपाधीक्षक अरूण कुमार दीक्षित का कहना है कि सुबह सवा सात बजे के आसपास मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि साइकिल वॉक पर निकले थे। इसके बाद सैफई हवाई पट्टी से सवा दस बजे के आसपास वापस लौटे।

