गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की हैै। उन्होंने भाजपा नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेज दिया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस्तीफा मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड इस बारे में फैसला लेगा। गुजरात की पहली महिला सीएम के रूप में उन्होंने अच्छा काम किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के कामों को आगे बढ़ाया। इससे पहले आनंदी बेन नेे फेसबुक पर पोस्ट लिखकर इस्तीफा देने की जानकारी दी। इसमें उन्होंने लिखा कि नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए। इस बारे में दो महीने पहले पार्टी को बता दिया था। गुजरात में अगले साल विधानसभा चुनाव होंगे।
आनंदी बेन इस साल नवंबर में 75 साल की हो जाएंगे। दो साल पहले नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें गुजरात का सीएम बनाया गया। वे गुजरात की पहली महिला सीएम है। पाटीदार आंदोलन के बाद से वे आलोचनाओं का सामना कर रही थी। हाल ही में ऊना में दलितों की पिटाई के मामले में उनकी सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। आनंदीबेन के पद छोड़ने के बाद सीएम पद के लिए नितिन पटेल, अमित शाह का नाम चल रहा है।
…तो असल में इन कारणों से आनंदी बेन को छोड़नी पड़ रही गुजरात के सीएम की कुर्सी?
#WATCH Amit Shah speaks on Anandiben Patel’s offer to resign from Guj CM post, says BJP Parl Board to decide on it.https://t.co/KQqmvnf6IC
— ANI (@ANI_news) August 1, 2016
फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”दो साल से पार्टी में ऐसी परंपरा है कि 75 से ऊपर के सदस्य बड़े पदों से खुद मुक्त हो रहे हैं। इसी परंपरा को मैं आगे बढ़ा रही हूं। मैं इस नवंबर में 75 साल की होने जा रही हूं। अगले साल वाइब्रेंंट गुजरात जैसे बड़े कार्यक्रमों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। आज मैंने एक बार फिर आलाकमान को पत्र लिखकर आग्रह किया कि मुझे मुख्यमंत्री पद से हटने की अनुमति दी जाए।”
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हालांकि ऐसी भी खबरें हैं कि आनंदीबेन के कामकाज से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, पीएम नरेंद्र मोदी खुश नहीं थे। आनंदीबेन नरेंद्र मोदी की तरह गुजरात में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रह रही थी। पार्टी के खिलाफ राज्य में लगातार विरोध में माहौल बन रहा था। साथ ही पंचायत चुनावों में हार का सामना भी करना पड़ा था।

