आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले देवेंद्र सहरावत को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने विधायक के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत चल रही प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। बता दें कि लोकसभा चुनावों से पहले देवेंद्र सहरावत और आम आदमी पार्टी के एक अन्य विधायक अनिल वाजपेयी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। जिस पर दिल्ली विधानसभा सचिवालय की तरफ से उन्हें अयोग्य ठहरा दिया गया था। इस फैसले के खिलाफ देवेंद्र सहरावत ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
देवेंद्र सहरावत की याचिका पर न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बी आर गवई की अवकाश पीठ ने सुनवाई की। सहरावत की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सोली सोराबजी अदालत में पेश हुए। वहीं देवेंद्र सहरावत और अनिल वाजपेयी को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने नोटिस जारी कर पूछा कि उनकी सदस्यता रद्द क्यों ना की जाए? दोनों नेताओं को 1 जुलाई तक अपना जवाब विधानसभा में देना है।
देवेंद्र सहरावत दिल्ली की बिजवासन विधानसभा सीट से और अनिल वाजपेयी गांधी नगर सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुने गए थे। हालिया लोकसभा चुनावों के बाद दोनों नेताओं ने भाजपा की सदस्या ग्रहण कर ली थी। इस पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज की शिकायत पर विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने दोनों नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था कि दल-बदल कानून के तहत दोनों की सदस्यता रद्द क्यों ना की जाए? इसके खिलाफ देवेंद्र सहरावत ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
