महाराष्ट्र में पहले कांग्रेस और बीजेपी का गठबंधन टूटा और अब बड़ा खेल हो गया है। ठाणे जिले स्थित अंबरनाथ नगर परिषद के चुनाव नतीजों के बाद मची राजनीतिक बवाल के बाद कांग्रेस से निलंबित पार्षद अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं। बुधवार देर रात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र च्वहाण ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।

बता दें कि अंबरनाथ नगरपालिका परिषद के नवनिर्वाचित 12 पार्षदों को चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन करने के कारण कांग्रेस ने निलंबित कर दिया था।

रविंद्र चव्हाण ने देर रात की घोषणा

बीजेपी महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने बुधवार देर रात यहां पार्टी कार्यालय में की घोषणा की और कहा कि यह कदम सत्ता की लालसा से नहीं बल्कि विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से प्रेरित है।

उन्होंने कहा, ‘‘जनता ने इन पार्षदों को चुना है और उन्होंने नागरिकों से विकास का वादा किया था। ये सभी हमारे साथ इस कारण आए हैं क्योंकि सरकार बेहतरीन ढंग से काम कर रही है और लोगों को न्याय और विकास प्रदान करने में सक्षम है।’’

पार्षदों ने किया था बीजेपी के साथ गठबंधन

भाजपा ने 20 दिसंबर को हुए स्थानीय चुनाव के बाद कांग्रेस के इन पार्षदों ने ‘अंबरनाथ विकास आघाडी’ (एवीए) के बैनर तले गठबंधन किया था और अपने सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया था।

किस पार्टी को कितनी सीटें हुईं थी हासिल?

इस आघाडी में अजित पवार गुट एनसीपी भी शामिल है। एवीए ने 60 सदस्यीय स्थानीय निकाय में 31 सीट के साथ जीत हासिल की। इस चुनाव में शिवसेना ने 27 सीट हासिल की, जो बहुमत से मात्र चार कम थीं। वहीं बीजेपी ने 14, कांग्रेस ने 12, एनसीपी ने चार सीट जीतीं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार भी इस चुनाव में जीते। एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन के साथ तीन दलों वाले इस गठबंधन में पार्षदों की संख्या 32 तक पहुंच गई, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है। बता दें कि बहुमत के आंकड़ा 30 है।

गठबंधन की खबर लगते ही प्रदेश कांग्रेस तमतमा गई और फिर बुधवार को इन 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया। इन निलंबित पार्षदों के बीजेपी में शामिल होकर नगरपालिका के राजनीतिक समीकरणों को काफी हद तक बदल दिया है।

(इनपुट- भाषा)

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