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दुनिया भर में हिंदू धर्म से जुड़ी विशाल और भव्य मूर्तियां आस्था, संस्कृति और स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण हैं। ये मूर्तियां केवल पत्थर, धातु या कंक्रीट की संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भक्ति का सजीव प्रतीक हैं। जब ये मूर्तियां आकाश को छूती हुई दिखाई देती हैं, तो यह एहसास कराती हैं कि श्रद्धा केवल मन में ही नहीं, बल्कि अपने भौतिक रूप में भी उतनी ही विराट हो सकती है। (Photo Source: statueofbelief.com)
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दुनिया की सबसे ऊंची हिंदू भगवान की मूर्ति
दुनिया की सबसे ऊंची हिंदू भगवान की मूर्ति राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में स्थित भगवान शिव की ‘विश्वास स्वरूपम’ (Statue of Belief) है। इसे भगवान शिव की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होने का गौरव प्राप्त है। (Photo Source: statueofbelief.com) -
यह प्रतिमा लगभग 369 फीट (112 मीटर) ऊंची है और इसे 29 अक्टूबर 2022 को आम लोगों के लिए खोला गया था। ऊंचाई के मामले में यह न केवल शिव की सबसे ऊंची मूर्ति है, बल्कि दुनिया की चौथी सबसे ऊंची प्रतिमा भी मानी जाती है। (Photo Source: Unsplash)
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विश्वास स्वरूपम की खासियत
‘विश्वास स्वरूपम’ में भगवान शिव को ध्यानमग्न मुद्रा में दिखाया गया है। वे पद्मासन में बैठे हैं और उनके बाएं हाथ में त्रिशूल है। चेहरे पर वैराग्य और शांति की गहरी छाप है, जो ध्यान और संतुलन का प्रतीक मानी जाती है। इस मूर्ति का रंग तांबे जैसा है, जो इसे और भी विशिष्ट बनाता है। (Photo Source: Unsplash) -
इस प्रतिमा की कुल ऊंचाई 369 फीट है, जिसमें 110 फीट ऊंचा पेडस्टल शामिल है। साफ मौसम में यह मूर्ति 20 किलोमीटर दूर से भी दिखाई देती है, जो इसे एक प्रमुख लैंडमार्क बनाती है। (Photo Source: statueofbelief.com)
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मूर्ति के अंदर क्या है?
विश्वास स्वरूपम सिर्फ बाहर से ही भव्य नहीं है, बल्कि इसके भीतर भी कई आकर्षण हैं। मूर्ति के अंदर प्रदर्शनी हॉल बनाया गया है, श्रद्धालु लिफ्ट के जरिए 20 फीट, 110 फीट और 270 फीट की ऊंचाई तक बने व्यूइंग गैलरी में जा सकते हैं। (Photo Source: statueofbelief.com) -
परिसर में भगवान शिव के वाहन नंदी की 25 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित है। इसके अलावा 16 एकड़ में फैले इस परिसर में पार्किंग, हर्बल गार्डन, फूड कोर्ट, लेजर फाउंटेन, म्यूजिकल फाउंटेन, हस्तशिल्प की दुकानें, स्मृति चिह्न स्टोर, तालाब और मिनी ट्रेन जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। (Photo Source: statueofbelief.com)
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निर्माण और अवधारणा
इस विशाल प्रतिमा की परिकल्पना उद्योगपति मदन पालीवाल ने की थी। मूर्ति का डिजाइन और शिल्प मूर्तिकार नरेश कुमावत ने किया, और निर्माण कार्य शापूरजी पालोनजी कंपनी द्वारा किया गया। इसकी योजना 2011 में शुरू हुई, निर्माण 2016 में आरंभ हुआ और 2020 में पूरा हुआ। (Photo Source: statueofbelief.com) -
संरचना के भीतर आरसीसी (Reinforced Cement Concrete) की दीवारें हैं, बाहर स्टील फ्रेम और उस पर अल्ट्रा हाई परफॉर्मेंस कंक्रीट की परत चढ़ाई गई है। ऊपर से जिंक स्प्रे और तांबे की कोटिंग की गई है, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहे। (Photo Source: statueofbelief.com)
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