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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मनमानी नीतियों ने इस वक्त पूरी दुनिया के मार्केट को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारत में भी इसका गहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। रूस के साथ भारत तेल खरीद के पीछे अमेरिका हाथ धोकर पड़ा हुआ है। जो अमेरिका, रूस से तेल खरदीने पर भारत पर इतना भड़का हुआ है वह खुद यूरेनियम और प्लूयटोनियम मास्को से भारी मात्रा में ट्रेड करता है। अमेरिका ने धमकी दी है कि अगर भारने रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया तो वह 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगा देगा। (Photo: AP)
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आज भारतीय सिर्फ अमेरिका के गूगल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और इंस्टाग्राम तक ही सीमित नहीं है। बल्कि हर घर में जरूरत की लगभग हर दूसरी चीजें अमेरिकी हैं। अगर भारत मेड इंडिया पर फोकस बढ़ा देता है तो आने वाले समय में अमेरिका को बढ़ा झटका लग सकता है। 140 करोड़ आबादी वाले भारतीयों के भरोसे दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था टिकी हुई है। इन्हीं में से एक अमेरिका भी है। (Photo: AP)
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भारत के लिए अब यह ज्यादा जरूरी हो गया है कि जिस तरह चीन, रूस और अन्य कई देश अमेरिका पर कम आश्रित हैं उसी तरह यहां भी कोई कदम उठाया जाए। चीन गूगल और अमेरिकी सोशल मीडिया के बजाय अपना सर्च इंजन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता है। इसी तरह रूस भी करता है। अगर 140 करोड़ भारतीय अमेरिका के सामानों का इस्तेमाल करना बंद कर दें तो अमेरिका की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। आइए जानते हैं भारतीय घरों में अमेरिकी सामानों का कितना गहरा पैठ है? (Photo: Indian Express)
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1- सर्च इंजन
भारत में गूगल का बड़ा डेटा सेंटर है। हर कोई सर्च के लिए गूगल का इस्तेमाल करता है। गूगल का सबसे बड़ा कारोबार भारत में है। (Photo: Pexels) किन भारतीय चीजों के भरोसे है अमेरिका? सिर्फ 5 साल में बढ़ गया 30.1 बिलियन डॉलर का निर्यात -
2- सोशल मीडिया
फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) भी अमेरिकी कंपनियों द्वारा संचालित की जाती है। पूरी दुनिया में सबसे अधिक भारत में इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के यूजर्स हैं। (Photo: Pexels) -
3- एमजॉन इंडिया और वॉलमार्ट
भारत में अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनियों का दबदबा काफी अधिक है। जेफ बेजोस अमेरिकी बिजनेसमैन और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हैं। लेकिन इन्हें अमीर बनाने वाला कोई और नहीं बल्कि भारत है। जेफ बेजोस की ई-कॉमर्स कंपनी Amazon India भारत में करीब 97 प्रतिशत पिनकोड तक पहुंचती है। लगभग हर घर तक इसकी पहुंच है। वॉलमार्ट भी अमेरिकी कंपनी है। फ्लिपकॉर्ट जिसे आप स्वदेशी समझते हैं उसका 85% शेयर वॉलमार्ट के पास है। (Photo: Pexels) -
4- Apple
भारत में एप्पल के दीवानों की कमी नहीं है। अमेरिकी कंपनी एप्पल के न सिर्फ फोन बल्कि आईपैड, लैपटॉप, हेडफोन और अन्य प्रोडक्ट भी भारतीय अच्छी संख्या में इस्तेमाल करते हैं। अमेरिका और चीन के बाद एप्पल का भारत तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है। (Photo: Pexels) -
5- माइक्रोसॉफ्ट
अमेरिकी बिजनेसमैन बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट के मालिक हैं और दुनिया के सबसे रईस व्यक्तियों में से एक हैं। भारत में इस कंपनी का कारोबार सॉफ्टवेयर, क्लाउड और आईटी सर्विस में बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। हर कंपन्यूटर और लैपटॉप में माइक्रोसॉफ्ट का साफ्टवेयर होता है। इसका भी भारत सबसे बड़ा उपभोक्ता है। (Photo: Pexels) अमेरिका के बजाय भारत दूसरे देशों से मक्का क्यों खरीदता है? देश में कहां होती है सबसे अधिक खेती -
6- कोको-कोला और पेप्सीको
अमेरिकी कंपनी कोको-कोला भारत में कोक, थम्स अप, स्प्राइट, माजा, किनले पानी, फैंटा जैसे कई और प्रोडक्ट में बेचती है। कंपनी का यहां दबदबा 1960 के दशक से है। पेप्सीको भी अमेरिकी कंपनी है। जो आप पेप्सी, 7अप, मिरिंडा, कुरकुरे और लेज जैसे चीजों का सेवन करते हैं सब अमेरिकी हैं। (Photo: Pexels) -
7- P&G India
सैनिटरी पैड-व्हिस्पर, टाइड डिटर्जेंट और विक्स अमेरिकी कंपनी P&G बनाती है। भारत में यह कंपनी 1864 से सक्रिय है। (Photo: Pexels) -
8- कोलगेट-जॉनसन एंड जॉनसन
एक समय था जब घर-घर में लोग कोलगेट टूथपेस्ट इस्तेमाल करते थे। अब भी यह हर दूसरे-तीसरे घर में आसानी से मिल जाएगा। यह भी अमेरिकी कंपनी है। अमेरिकी कंपनी Johnson & Johnson के सामान भारतीय मिडिल क्लास घरों में काफी मशहूर है। खासकर जिनके घर में बच्चे हैं वहां तो कोई न कोई जॉनसन का प्रोडक्ट जरूर मिल जाएगा। यह कंपनी भारत में साबून, पाउडर, सेंपू और क्रीम बेचती है। (Photo: Pexels) -
9- Kimberly-Clark Lever
भारत में बच्चों का डायपर सबसे अधिक लोकप्रीय हगीस है जिसे अमेरिकी कंपनी Kimberly-Clark बनाती है। इसके अलावा कोटेक्स (फेमिनिन हाइजीन) भी इसका लोकप्रीय प्रोडक्ट है। (Photo: Pexels) -
10- Kellogg
भारत में ब्रेकफास्ट सेगमेंट में Kellogg की काफी गहरी पैठ है। कॉर्न फ्लेक्स, चॉकोज और ओट्स इसी अमेरिकी कंपनी के प्रोडक्ट हैं। (Photo: Pexels) वेनेजुएला में इन खनिजों का है भंडार, दक्षिण अमेरिका में अकेला ऐसा देश -
11- J.M. Smucker
J.M. Smucker कंपनी के जैम, पीनट बटर जेली और स्प्रेड्स भारत में काफी लोकप्रीय हैं। (Photo: Pexels) -
12- Mars International
मार्स एक अमेरिकी कंपनी है जिसके चॉकलेट, कन्फेक्शनरी और पेटकेयर उत्पादों की बिक्री भारत बड़े पैमाने पर होती है। स्निकर्स चॉकलेट इसी कंपनी का प्रोडक्ट है। (Photo: Pexels) -
13- Mondelez
कैडबरी का नाम तो भारत का बच्चा-बच्चा जानता होगा। अब इसका नाम Mondelez हो गया है और भारत में इसका कारोबार व्यापक रूप से है। इसको टक्कर देने के लिए कई चॉकलेट कंपनियां आई लेकिन आगे टिक नहीं पाईं। कैडबरी डेयरी मिल्क, बोर्नविटा और ओरियो जैसे भारत में लोकप्रिय चीजें इसी कंपनी के प्रोडक्ट हैं। (Photo: Pexels) -
14- फास्ट फूड
मैकडॉनल्ड्स, केएफसी, डोमिनोज पिज्जा और पिज्जा हट अमेरिकी कंपनी है। (Photo: Pexels) -
15- लाइफस्टाइल
लाइफस्टाइल में भी भारतीय जमकर अमेरिकी कंपनियों के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं। फॉरेवर 21, Maybelline New York (लिपस्टिक, मस्कारा और फाउंडेशन), टाइमेक्स घड़ी, फॉसिल घड़ी, नाइकी, लिवाइस, स्केचर्स, गैप और Guess जैसी कंपनियां अमेरिकी हैं जिनका भारतीय मार्केट में व्यापक रूप से दबदबा है। इसके अलावा भी कई और अमेरिकी प्रोडक्ट्स हैं जिनका भारतीय रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करते हैं। मेडिकल, डिफेंस और अन्य कई क्षेत्रों में भी अमेरिकी कंपनियों का दबदबा है। (Photo: Pexels) -
भारत में जितनी भी अमेरिकी कंपनियां हैं वह अपने कमाई का कुछ हिस्सा अपने देश के सरकार को टैक्स के रूप में देती हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अमेरिका के अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है। अमेरिकी या फिर किसी भी अन्य दूसरे देशों की चीजों पर निर्भरता कम करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि स्वदेशी प्रोडक्ट्स को बढ़ावा दें। (Photo: AP) अमेरिका के टारगेट पर ग्रीनलैंड क्यों है? कौन-कौन से रेयर खनिज पाए जाते हैं