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भारत की सबसे पवित्र नदियों में से एक गंगा है। गंगा को मोक्षदायिनी भी कहा जाता है। इसके जल को अमृत के समान माना जाता है। वैज्ञानिकों का भी मानना है कि गंगाजल में जीवाणुभोजी की उपस्थिति की वजह से इसके जल में कीड़े नहीं पनप पाते हैं। भारत के महान ऋषि-महर्षियों को गंगा के वैज्ञानिक महत्व एवं अद्भुत प्राकृतिक संरचना का ज्ञान था। जिसके चलते गीता व अन्य शास्त्र-पुराणों में गंगा को भारतीय संस्कृति का प्राण बताया गया। (Photo: ANI)
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गंगा नदी पहाड़ों से निकलकर मैदानों तक बहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा में स्नान मात्र से पापों से मुक्ति मिल सकती है। भारतीय संस्कृति में गंगा को पवित्र माना गया है और यह आस्था का प्रमुख केंद्र भी है। इसे भारत का राष्ट्रीय नदी कहते हैं। आइए जानते हैं गंगा नदी के बारे में कुछ खास बातें: (Photo: Pexels)
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साल 2008 में भारत सरकार ने गंगा नदी को आधिकारिक रूप से देश की राष्ट्रीय नदी घोषित किया था। (Photo: ANI)
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गंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड के गंगोत्री ग्लेशियर (गोमुख) से होता है। इसके शुरुआती भाग को भागीरथी कहते हैं। देवप्रयाग में अलकनंदा नदी से मिलने के बाद यह गंगा कहलाती है। (Photo: Pexels) भारत का कौन सा जगह कहलाता है बांसों का शहर?
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कुल लंबाई कितनी है?
भारत की सबसे लंबी नदी गंगा ही है साथ ही इसे दुनिया के सबसे उपजाऊ नदी घाटियों में से एक माना जाता है। इसकी कुल लंबाई लगभग 2,525 किलोमीटर है। (Photo: PTI) -
कितने राज्यों से होकर बहती है
गंगा नदी पांच राज्यों से होकर बहती है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है। पश्चिम बंगाल में ये बंगाल की खाड़ी में जाकर मिलती है। गंगा नदी भारत के सबसे उपजाऊ कृषि क्षेत्र को सींचती है। (Photo: Pexels) -
प्रमुख सहायक नदियां
गंगा की प्रमुख सहायक नदियां यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी और सोन हैं। (Photo: Pexels) -
जल इतना पवित्र कैसे है?
कई शोधों में बताया जा चुका है कि गंगा नदी में स्वयं को शुद्ध करने की प्राकृतिक क्षमता है। इसमें बैक्टीरियोफेज होते हैं जो हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करते हैं। (Photo: ANI) घर में गंगाजल रखते हैं तो ध्यान में रखें ये 5 नियम, एक भी चूक कर सकता है इसे अशुद्ध