Ganga

दर्दनाक: देखिए, इंसानों की दोस्त डॉल्फिन को पीट-पीटकर मार डाला, ख़त्म होने के कगार पर गंगा की यह मछली

उत्तर प्रदेश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ लोग नदी में डॉल्फिन को मार रहे हैं। दुख की बात ये है कि लोगों ने बड़ी बेरहमी से डॉल्फिन की हत्या कर दी।

तीर्थमाता: पितरों को तारती गंगा

अयोध्या के महाराजा सगर के साठ हजार पुत्रों-प्रजाजनों को महर्षि कपिल के शाप से तारने के लिए रघुवंशी राजाओं ने क्रमिक तपश्चर्या की। अंतत: माता गंगा के प्रसन्न होने पर वे धरती पर अवतरित हुईं, जिससे पितरों को सद्गति प्राप्त हुई। धरती पर उतरते समय ही गंगा आशुतोष भगवान शिव की जटाओं में विराजित होकर उनका अलंकार बनीं। हिमालय जैसे विराट पहाड़ की गोद से तपते मैदानों में उतरकर देवप्रयाग में गंगा ने अपने दिव्य स्वरूप को धारणकर हरिद्वार, प्रयाग व वाराणसी होते हुए गंगासागर तक अकल्पनीय लौकिक-अलौकिक भावों को प्रकट किया।

विशेष: हर की पैड़ी में गंगा नहर को लेकर दंगल

हरीश रावत सरकार द्वारा एक तकनीकी बदलाव कर गंगा किनारे अवैध निर्माण करने वालों को फायदा पहुंचाया गया था जिसका तब भी हर की पैड़ी की प्रबंध कारिणी संस्था गंगा सभा और पंडे पुजारियों ने तथा साधु-संतों ने विरोध किया था।

गंगा यात्रा पर पहुंचे थे सीएम योगी आदित्यनाथ, सामने आकर छह महिलाएं करने लगीं विरोध, पुलिस ने दर्ज की FIR

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पहले फैसला दिया था कि गांव की जमीन हस्तिनापुर अभयारण्य से संबंधित है। इसके बाद वन विभाग ने निवासियों को वह जगह खाली करने का नोटिस जारी किया था।

गंगा में उफान जारी, कई इलाके डूबे

गंगा घाटों की सीढ़ियां बाढ़ के पानी में डूबी हुई है। इस कारण इस बार महिलाएं सड़क पर, कुए पर, मंदिर में यहां वहां एकत्र होकर पूजन अर्चन करती देखी गई। गाजीपुर जिले के सैदपुर, मोहम्मदाबाद, जमानिया, सेवराई और गाजीपुर सदर के पांच सौ से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं।

गंगा स्वच्छता का हाल: गंगा में गंदगी घोल रहे कस्बों के नाले, यूपी है नंबर 2

पड़ताल में सामने आए आकड़ों के मुताबिक, कुल मिलाकर 97 में से 66 कस्बों का कम से कम एक नाला गंगा में गिरता है। इनमें से 31 पश्चिम बंगाल के हैं। पश्चिम बंगाल के बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है।

वाटरमैन राजेंद्र सिंह की शिकायत- मोदी ने गंगा के नाम पर भ्रष्टाचार बढ़वाया, कुछ नहीं किया

राजेंद्र सिंह ने गंगा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नीतियों का बखान किया। उन्होंने कहा कि उनके रहते गंगा पर तीन बांधों के काम 60 फीसदी पूरा हो चुके थे। लेकिन, फिर भी मनमोहन सिंह ने उसे रुकवा दिया।

RTI में खुलासा: पीएमओ को मिली थीं जीडी अग्रवाल की चिट्ठियां, मगर नहीं लिया कोई एक्‍शन

अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना पहला पत्र 24 फरवरी को लिखा था। इसके बाद फिर से 13 जून और 23 जून को पत्र लिखा। उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से अाग्रह किया था कि गंगा को स्वच्छ बनाने और इसकी अविरलता को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाया जाए।

112 दिन अनशन के बाद मौत: पीएम को तीन खत लिख चुके थे जीडी अग्रवाल, नहीं आया जवाब

जीडी. अग्रवाल उर्फ स्‍वामी ज्ञान स्‍वरूप सानंद ने निधन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन चिट्ठी लिखी थी, लेकिन उन्‍हें एक का भी जवाब नहीं मिला। तीसरे और आखिरी खत में उन्‍होंने चार मांगें रखी थीं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा- अंतिम संस्‍कार के बाद राख गंगा में मत प्रवाहित करें, भड़के हिंदूवादी नेता

केंद्रीय राज्य मंत्री उत्तराखंड के हरिद्वार में नमामि गंगा मिशन के 34 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने पहुंचे थे। यहां कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा यह टिप्पणी दी है।

जनसत्ता संपादकीय : दुरुस्त आयद

आज गंगा की गिनती दुनिया की सर्वाधिक प्रदूषित नदियों में होती है। इसलिए सहज ही यह सवाल उठता है कि जो हजारों करोड़ रुपए गंगा सफाई के नाम पर खर्च किए गए वे कहां गए?

गंगा से जुड़ी योजनाओं का कैग से आडिट कराएंगे : उमा

योजना की आडिट के बारे में जो भी चीज जरूरी होगा, हम कैग को उपलब्ध कराएंगे। प्रधानमंत्री ग्रामीण सिंचाई योजना का जिक्र करते हुए उमा भारती ने कहा कि यह नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार की महत्त्वपूर्ण योजना है जिसके जरिए हम खेतों को सिंचाई सुविधाओं से लैस करना चाहते हैं।

घर तक गंगा

सरकार का मानना है कि गंगा का शुद्ध पानी देश की सांस्कृतिक जरूरत है और लोग अपनी आस्था के निर्वाह के लिए इसे लाने कई बार बहुत दूर भी चले जाते हैं।

गंगा नहाने गए 3 इंजीनियरिंग छात्र वापस नहीं लौटे, डूबकर हो गई तीनों की मौत

गंगा नदी में नहाने गये एक निजी इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक के तीन छात्रों की रविवार को नदी में डूबने से मौत हो गयी। तीनों की आयु 19 से 21 वर्ष के बीच थी।

उमा भारती ने कहा, गंगा जुलाई 2018 तक होगी निर्मल

सरकार ने गुरुवार को कहा कि गंगा को अविरल व निर्मल बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है और नदी की जलीय जीवन व्यवस्था को बहाल करते हुए जुलाई 2018 तक गंगा को निर्मल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

दम तोड़ती नदियां

पंजाब की पांच नदियां सतलुज, ब्यास, रावी, चिनाब और झेलम का वार्षिक प्रवाह 1,145 घन मीटर है। इन नदियों में भी जल की कमी हर साल हो रही है।

1,620 किलोमीटर बनेगा वॉटर हाईवे, 2016 के आखिरी तक गंगा में चल सकेंगी शिप

जल मार्ग विकास परियोजना के तहत 4,200 करोड़ रुपए की लागत से इलाहाबाद और हल्दिया के 1,620 किलोमीटर नदी मार्ग को जलयान मार्ग के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई गई है।

प्रदूषण का प्रवाह

गंगा सफाई योजना को शुरू हुए करीब तीस साल हो गए। इस पर अब तक अरबों रुपए बहाए जा चुके हैं। मगर राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी की वजह से नदियों को साफ-सुथरा बनाने का लक्ष्य अभी तक कागजी ही बना हुआ है।

ये पढ़ा क्या?
X