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आयुर्वेद भारत की एक प्राचीन और समग्र चिकित्सा पद्धति है। यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित है जिसके लिए प्राकृतिक उपचारों, जड़ी-बूटियों, जीवनशैली में बदलाव, योग और पंचकर्म जैसी क्रियाएं कराई जाती है। आयुर्वेद वात, पित्त और कफ दोष के संतुलन पर आधारित है। क्योंकि, इनके असंतुलन के चलते ही बीमारी होती है। (Photo: Freepik)
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आज आयुर्वेद न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लोग अपना रहे हैं। कई गंभीर बीमारियों का आयुर्वेद प्राकृतिक तरीके से करता है। लेकिन क्या आपको पता है कि देश के किस शहर को आयुर्वेद की धरती कहते हैं। आइए जानते हैं? (Photo: Freepik)
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इसे कहते हैं आयुर्वेद की धरती
दरअसल, केरल को आयुर्वेद की धरती कहते हैं। इसके पीछे कई कारण हैं। केरल में आयुर्वेद चिकित्सा की एक बहुत पुरानी और लगातार चलती आ रही है परंपरा है। यहां सदियों से आयुर्वेदिक इलाज, विशेष उपचार पद्धतियां और शास्त्रीय चिकित्सा केंद्र सुरक्षित रखे हुए हैं। (Photo: Unsplash) -
इसके साथ ही केरल का जलवायु, औषधीय पौधे, प्रशिक्षित वैद्य और पारंपरिक स्वास्थ्य तौर तरीके इसे दुनिया में आयुर्वेद का प्रमुख केंद्र बनाते हैं। इसी के चलते केरल लो आयुर्वेद की धरती (Land of Ayurveda) कहा जाता है। (Photo: Freepik) किस शहर को कहते हैं ‘सिटी ऑफ प्राइम मिनिस्टर’, देश को दे चुका है 7 प्रधानमंत्री
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केरल में आयुर्वेद का नाता हजारों सालों पहले से है। यहां आज भी आयुर्वेदिक अस्पताल, पंचकर्म केंद्र, उपचार रिसॉर्ट, आयुर्वेदिक शिक्षण संस्थान और पारंपरिक वैद्य परिवार हैं जिन्हें आयुर्वेद का अथाह ज्ञान है। यह आज भी उपचार पद्धतियों को जिंदा रखे हुए हैं। (Photo: Freepik)
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कैसे पड़ा ये नाम
केरल में प्राचीन वैद्य, ताड़पत्रों पर लिखी आयुर्वेदिक पांडुलिपियां, मंदिरों से जुड़ी उपचार परंपराएं और राजाओं का संरक्षण रहा है। समय के साथ केरल विशेष आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों, उपचार और स्वास्थ्य से जुड़े प्रणाली के प्रभाव को कम नहीं होने दिया। आज इसकी पहचान न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया में भी है। (Photo: Freepik) -
केरल में किए जाने वाले आयुर्वेदिक उपचार
केरल विशेष रूप से पंचकर्म, अभ्यंग (तेल मालिश), शिरोधारा (माथे पर तेल डालने की चिकित्सा), पिझिचिल, उद्वर्तन और हर्बल स्टीम थेरेपी के लिए जाना जाता है। इन उपचारों के जरिए वह शरीर की शुद्धि, तनाव को कम, पुरानी बीमारियों के इलाज के लिए करता है। इन उपचारों के लिए न सिर्फ देश बल्कि दुनिया से भी लोग आते हैं। (Photo: Freepik) -
कई पीढ़ियों को रहा है आयुर्वेद का ज्ञान
इसके साथ ही केरल का प्राकृतिक वातावरण औषधीय जड़ी-बूटियों से भरपूर है। केरल में कई ऐसे आयुर्वेदिक चिकित्सक परिवार है जिनकी कई पीढ़ियों को इसका ज्ञान रहा है। यहां पर आयुर्वेदिक कॉलेज, रिसर्च सेंटर और सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान मौजूद हैं। (Photo: Freepik) किस शहर में खुला था भारत का पहला पेट्रोल पंप, तब कितना था दाम?