भावेष पाण्डेय
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या कर बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। इससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया था। इस संवेदनशील मामले पर सियासत तेज हो गई। समाजवादी पार्टी ने मामले में एनएसए और बुलडोजर एक्शन की मांग की। समाजवादी पार्टी के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी पूछा कि ‘बुलडोजर कब चलेगा’? शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में भी पूर्व सीएम और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
लेकिन शनिवार शाम को ही पुलिस ने इस मामले में 48 घंटे के भीतर आरोपी युवक और अपह्रत युवती को बरामद कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गईं थीं। इस मामले पर विपक्षी आलोचनाओं के बीच यूपी पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है।
दरअसल इस मामले में सख्त एक्शन शुरुआत से तय था। योगी सरकार का इतिहास साफ बताता है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाती है। पुराने मामलों से सिद्ध होता है कि योगी राज में दलित सुरक्षा को प्राथमिकता मिली, जबकि सपा काल में न्याय अधर में लटकता था।
योगी सरकार के पुराने एक्शन: बुलडोजर का कमाल
योगी सरकार महिला सुरक्षा के मामले में तेज एक्शन लेती रही है। अयोध्या के एक मामले को देखें। 2024 में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी मोइद खान पर कठोर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार किया था। सरकार ने आरोपी की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाया और पीड़िता के परिवार को न्याय का पूरा भरोसा दिया। इसी तरह रेप का मामला हो या फिर किसी भी अन्य महिला हिंसा का, योगी सरकार सख्त एक्शन से बिल्कुल नहीं कतराती।
योगी सरकार ने लव जिहाद और दलित अत्याचार जैसे मामलों में बुलडोजर चलाकर अपराधियों को सबक सिखाया है। उदाहरणस्वरूप, बरेली में सपा नेता आजम खान से जुड़े अवैध निर्माणों पर 2025 में बुलडोजर चला, जो सपा काल के 14 साल पुराने रसूख को चूर कर गया। इसी तरह, माफिया राज के खिलाफ सैकड़ों बुलडोजर कार्रवाइयों को पूरे यूपी ने देखा है।
मेरठ मामले में सख्त एक्शन
मेरठ मामले में भी एसएसपी विपिन ताडा ने 10 टीमें लगाई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले में एससी-एसटी एक्ट सहित तमाम गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। दो कंपनी पीएसी, 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी 15 इंस्पेक्टर और CO लेवल के अफसर गांव में तैनात किए गए।
सपा राज के काले अध्याय: दलित न्याय पर सवाल
मेरठ केस में योगी सरकार पर आरोप लगाने वाली समाजवादी पार्टी की सरकार में दलित हिंसा के गंभीर मामले हुए थे। बदायूं कांड से लेकर मोहनलालगंज रेप और बुलंदशहर गैंगरेप केस तक महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कई बड़े मामले हुए।
न्याय योगी मॉडल की गारंटी
बता दें कि हाल ही में कोडीन सिरप से जुड़े मामले में भी आरोप लगा रही सपा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि जब बुलडोजर चलेगा तब रोना मत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस लड़ाई (कोडीन केस के खिलाफ) को लड़ा है और जीता है। कोई भी अपराधी छूटने नहीं पाएगा. समय आने पर बुलडोजर एक्शन भी होगा। बस सपाइयों से अनुरोध है कि उस वक्त चिल्लाना मत।
(लेखक भावेष पाण्डेय (अधिवक्ता) नेशनल एसोसिएशन ऑफ यूथ के अध्यक्ष हैं और यह उनके निजी विचार हैं।)
