देशभर में कोराना वायरस के चलते लॉकडाउन है। जहां पहले उम्मीद की जा रही थी कि सरकार इसे 14 अप्रैल को खोल देगी। वहीं अब इसे 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। लॉकडाउन के चलते देशभर की कंपनियों पर ताला लगा हुआ, जिससे भारी नुकसान हो रहा है। फिलहाल एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मारुति सुजुकी ने मानेसर और गुड़गांव संयंत्रों में अपने कर्मचारियों के लिए बैक्टीरिया से लड़ने के लिए सुरंगें स्थापित की हैं। यानी जब भी कोई कर्मचारी प्लांट के अंदर प्रवेश करेगा या वहां से बाहर जाएगा तो उसे इस टनल से निकल कर जाना होगा।
इस हफ्ते की शुरुआत में खबर थी कि सरकार कार निर्माताओं को ऑटोमोबाइल को प्लांट शुरू करने की अनुमति दे सकती है, हालांकि यह उनके लिए ही होगी जिन कंपनियों के पास स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग दूर करने के मानदंड होंगे। ऐसी कंपनियां 20-25% उत्पादन क्षमता के लिए काम शुरू कर सकती हैं। वहीं इन कंपनियों को वहां काम कर रहे श्रमिकों के लिए सिंगल एंट्री पाइंट रखना होगा और इनके लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करनी होगी या कारखाने में ही ठहरने का इंतजाम करना होगा।
बता दें, देश में नए बीएस6 उत्सर्जन मानको के लागू होने से मोटर वाहन उद्योग में खलबली मची हुई है, जिसके पीछे बड़ा कारण वाहन कंपनियों का बचा हुआ बीएस4 स्टॉक है। नतीजतन नए उत्सर्जन मानक के लागू होने से पहले ही कंपनी 7,50,000 BS6 वाहनों को बेच चुकी थी। वहीं मारुति ने बीएस4 स्टॉक के भी लगभग 6,59,000 वाहन को बेच दिया है।
इस क्रम में अप्रैल 2019 में ऑल्टो और बलेनो बीएस6 इंजन से अपडेट पाने वाले पहले मॉडल थे। जिसके बाद वैगनआर और डिजायर को जून 2019 में उतारा गया था। वहीं Ertiga, XL6, S-Presso को भी पिछले साल BS6 से अपडेट कर दिया गया था। हालांकि ईको, सेलेरियो, सियाज, विटारा ब्रेजा, इग्निस आदि गाड़ियों को 2020 में बीएस 6 मानकों के अनुरूप तैयार कर लॉन्च किया गया है।
