West Bengal Fire: गणतंत्र दिवस की सुबह कोलकाता में भीषण आग लग गई। आनंदपुर स्थित एक फूड डिलीवरी कंपनी का गोदाम जलकर खाक हो गया। सूचना मिलते ही 15 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग में सात लोगों की मौत हो गई। कम से कम 20 लोग अभी भी लापता हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस गोदाम में कई यूनिट्स मौजूद थी। एक फेमस फूड चेन का गोदाम और एक स्थानीय कंपनी का दूसरा गोदाम। ये दोनों एक ही परिसर में मौजूद थे। फूड चेन के गोदाम में तीन लोग मौजूद थे, जबकि डेकोरेटर कंपनी के गोदाम में लगभग 20 कर्मचारी आग लगने के समय मौजूद थे। दमकल विभाग के सूत्रों के मुताबिक, कारखाने के अंदर बड़ी मात्रा में तेल और गैस सिलेंडर रखे होने के कारण आग ने पल भर में भयावह रूप ले लिया। इन ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैली और बचाव कार्य में भारी बाधा आई।
लापता मजदूरों के परिवारवाले बेहद परेशान
लापता मजदूरों के परिवारवाले बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि वे किसी भी तरह से फोन पर अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक फोन अभी भी बज रहा है, लेकिन कोई उठा नहीं रहा है। लापता मजदूर के एक रिश्तेदार ने इंडियन एक्सप्रेस बांग्ला को बताया, “उसने रात में अचानक मुझे फोन किया और कहा कि उसका दम घुट रहा है। उसने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मैं बच पाऊंगा। कारखाने में आग लगी है। अगर पांच मिनट में कोई मुझे बचाने नहीं आया, तो मैं मर जाऊंगा। उसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। हमने फायर बिग्रेड को सूचित कर दिया है।”
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पीड़ित परिवार के सदस्य उत्तम हजरा पश्चिम ने एएनआई से कहा, “मेरे जीजाजी लापता हैं। हमने पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस अभी भी उनकी तलाश कर रही है, जिनका नाम कृष्णेंदु साहा है। वे डेकोरेटर का काम करते थे। हमने उन्हें फोन करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन बंद था। हमने उनके दोस्त को भी फोन करने की कोशिश की।” गरिया मौसमी हल्दर ने कहा, “मेरे पति ने सुबह करीब 3 बजे मुझे फोन किया और कहा कि मैं जिंदा नहीं रहूंगा, तुम मुझे दोबारा नहीं देख पाओगी।”
बीजेपी ने टीएमसी पर बोला हमला
इस बीच, घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी के विधायक अशोक दिंडा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया कि कारखाने में सुरक्षा उपाय की कमी की वजह से जानमाल का नुकसान हुआ और उन्होंने कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा, “आरोप लगाए जा रहे हैं कि कारखाना अवैध था। लेकिन अब लोगों की मौत हो चुकी है और सरकार को जवाबदेही लेनी होगी। वहां न तो फायर अलार्म थे और न ही कोई उचित सुरक्षा व्यवस्था। टीएमसी सरकार इस तरह के भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है। मैं इस मामले की जांच करूंगा। मैं प्रभावित परिवारों की मदद करने की कोशिश करूंगा। मैं पुलिस अधिकारियों से लापता लोगों के नाम उपलब्ध कराने को कहूंगा और हम इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख करेंगे। यह लोगों की जिंदगी का मामला है जिसकी भरपाई पैसों से नहीं की जा सकती। हम पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं और अपनी क्षमता के अनुसार उनकी सहायता करने की कोशिश करेंगे।”
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