महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और अमेरिका की विदेश नीति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद अब भारत से अमेरिका को व्यापार करना लगभग असंभव हो गया है। उनके मुताबिक, सीधे प्रतिबंध लगाने के बजाय अमेरिका ने टैरिफ के ज़रिये भारत के निर्यात को रोकने की कोशिश की है, जिसका नुकसान भारतीय निर्यातकों को होगा।
चव्हाण ने बताया कि जो फायदा पहले भारत को अमेरिका को निर्यात से मिलता था, वह अब नहीं मिलेगा। इसलिए भारत को नए और वैकल्पिक बाजार तलाशने होंगे, और इस दिशा में सरकार कोशिश कर रही है।
उन्होंने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ है। उनका कहना था कि किसी निर्वाचित राष्ट्रपति के साथ ऐसा होना बहुत गंभीर बात है।
इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया, “आज वेनेजुएला में हुआ है, तो क्या कल ऐसा किसी और देश में भी हो सकता है? क्या कल भारत में भी ऐसा हो सकता है? ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री का अपहरण कर ले जाएंगे क्या?” चव्हाण ने केंद्र सरकार की आलोचना भी की कि उसने इस मुद्दे पर अब तक कोई साफ़ रुख नहीं अपनाया है।
उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा की तरह वेनेजुएला मामले पर कोई रुख नहीं अपनाया है। रूस और चीन ने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की है। यूक्रेन युद्ध में भी यही हुआ था। हमने किसी का पक्ष नहीं लिया। हमने इजरायल-हमास मामले पर भी कोई रुख नहीं अपनाया, और अब हम अमेरिकियों से इतने डरे हुए हैं कि जो कुछ हुआ है उसकी आलोचना करने की कोशिश भी नहीं कर रहे हैं।
हालांकि, विदेश मंत्रालय ने रविवार को वेनेजुएला में लोगों की सुरक्षा और कल्याण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया, क्योंकि अमेरिका के हमलों के बाद देश में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
ट्रंप ने सोमवार को भारत को एक नई टैरिफ चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर भारत रूसी तेल मुद्दे पर मदद नहीं करता है तो वाशिंगटन नई दिल्ली पर शुल्क बढ़ा सकता है, और इस धमकी को सीधे तौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़ा।
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इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को नई टैरिफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत “रूसी तेल के मुद्दे पर मदद नहीं करता”, तो अमेरिका भारत पर और ज्यादा शुल्क लगा सकता है। ट्रंप ने इस मुद्दे को सीधे रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़ा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें खुश करना चाहते थे और भारत पर टैरिफ बढ़ाना अमेरिका के लिए आसान है। उनका इशारा भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने की ओर था, जिसका उनका प्रशासन लगातार विरोध करता रहा है। ट्रंप पहले ही भारत पर 50% टैरिफ लगा चुके हैं। उनका आरोप है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में रूस को आर्थिक रूप से मजबूत कर रहा है।
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