पंजाब के कांग्रेस नेता और पूर्व राज्य मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को पाकिस्तान में करतारपुर गलियारे के उद्घाटन समारोह में शिरकत होने के लिए सरकार ने अनुमति दे दी है। यह मंजूरी उनके द्वारा विदेश मंत्रालय को चौथा पत्र लिखने के कुछ घंटों के बाद मिली है। इस पत्र में सिद्धू ने विदेश मंत्रालय से शिरकत पर किसी प्रतिबंध के मद्देनजर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
इससे पहले सिद्धू ने पत्र में विदेश मंत्रालय से शिरकत पर किसी प्रतिबंध के मद्देनजर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। सिद्धू ने कहा था कि यदि उन्हें इस बार पत्र का जवाब नहीं मिला तो वह ”अन्य श्रद्धालुओं की तरह” सीमा पार तीर्थ के लिए चले जाएंगे। इससे उनका मतलब था कि वह उस गलियारे से नहीं जाएंगे जिससे श्रद्धालुओं को बिना वीजा के जाने की अनुमति मिलती है।
सिद्धू ने लिखा, ‘‘मैं साफ तौर पर कहता हूं कि यदि सरकार को कोई आपत्ति है और वह अनुमति नहीं देती तो मैं कानून का पालन करते हुए नहीं जाऊंगा। लेकिन यदि आप मेरे तीसरे पत्र का जवाब नहीं देते तो मैं लाखों सिख श्रद्धालुओं की तरह वीजा के लिए योग्य पाए जाने पर पाकिस्तान जाऊंगा।’’ नौ नवंबर को गलियारे के उद्घाटन में सम्मिलित होने की अनुमति मांगने के लिए सिद्धू द्वारा विदेश मंत्री जयशंकर को लिखा गया यह तीसरा पत्र है। उन्होंने पत्रों का जवाब नहीं मिलने पर क्षोभ भी जताया।
उन्होंने लिखा, ‘‘बार-बार याद दिलाने के बावजूद आपने इस पर प्रतियुत्तर नहीं दिया कि सरकार ने मुझे गुरुद्वारा दरबार साहिब के उद्घाटन में सम्मिलित होने के लिए पाकिस्तान जाने की इजाजत दी है या नहीं। जवाब मिलने में विलंब मेरी भविष्य की कार्ययोजना को बाधित करता है।’’ बुधवार को लिखे गए अपने दूसरे पत्र में सिद्धू ने कहा था कि पाकिस्तान सरकार ने उन्हें करतारपुर गलियारे के उद्घाटन समारोह में आने का न्योता दिया था। इससे पहले सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा था जिसे उन्होंने आवश्यक कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव को भेज दिया था।
बता दें सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती से तीन दिन पहले यह समारोह आयोजित होगा। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार द्वारा 9 नवंबर को करतारपुर गलियारे (कॉरिडोर) के उद्घाटन में भाग लेने के लिए सिद्धू को आमंत्रित किया गया है। क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू ने पाकिस्तान का यह निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
