कर्नाटक में प्रचंड जीत के बाद आखिरकार कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया का नाम फाइनल कर दिया है। डिप्टी सीएम पद डीके शिवकुमार को दिया गया है। इस फैसले से पहले तीन दिन तक जारी रहे मंथन के दौरान सियासी गलियारों में चर्चा थी कि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की मांग पर अड़े हुए थे। अब जब कांग्रेस आलाकमान ने फैसला सुना दिया है तो डीके शिवकुमार ने भी चुप्पी तोड़ी है, लेकिन जो उन्होने कहा है वो ऐसी चर्चाओं से एकदम हटकर है।

क्या बोले डीके?

राज्य विधानसभा चुनावों में पार्टी की भारी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले डीके शिवकुमार ने खुलासा किया कि वह इन दिनों की बातचीत के बाद डिप्टी सीएम पद के लिए तैयार होने से निराश नहीं थे। चुनावों में पार्टी की सफलता को खुशी का कारण बताते हुए राज्य इकाई प्रमुख ने जोर देकर कहा कि उनका प्राथमिक एजेंडा सभी वादों को पूरा करना है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होने कहा, “मैं परेशान क्यों होऊं? अभी लंबा रास्ता तय करना है। जब जनता ने इतना बड़ा जनादेश दिया है तो हमें निश्चित रूप से खुश होकर वादे पूरे करने चाहिए। यही हमारा मुख्य आदर्श है, एजेंडा है।

ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी मंथन को लेकर हुई कई बैठकों के बाद डीके शिवकुमार सोनिया गांधी के साथ चर्चा कर डिप्टी सीएम पद के लिए राज़ी हुए हैं। इससे पहले उन्होने कहा था कि कर्नाटक के लोगों के सामने कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता है..संसदीय चुनाव आगे हैं इसलिए मुझे AICC अध्यक्ष और गांधी परिवार के सामने झुकना होगा। यह मैं पार्टी के व्यापक हित में कर रहा हूं, हमें कर्नाटक के लोगों के वादे को पूरा करना चाहिए।

हालांकि डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने इस फैसले पर असंतोष व्यक्त किया और कहा, “मैं पूरी तरह से खुश नहीं हूँ लेकिन कर्नाटक के हित में हम अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करना चाहते थे इसलिए डीके शिवकुमार को स्वीकार करना पड़ा, मैं चाहता हूँ कि डीके शिवकुमार के लिए सीएम पद होना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हम इंतजार करेंगे और देखेंगे।”