हाउसबोटों से झीलों में होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने की तत्काल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, केरल उच्च न्यायालय ने कई निर्देश जारी किए हैं। उच्च न्यायालय ने इन नियमों का पालन न करने वाली हाउसबोटों पर एक्शन लेने को भी कहा है। वेम्बनाड झील की क्षमता से अधिक हाउसबोटों की संख्या में बढ़ोत्तरी के कारण बड़े पैमाने पर प्रदूषण हुआ है,जिसके चलते केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में निर्देश दिया है कि झील में चलने वाली सभी हाउसबोटों को अनिवार्य रूप से प्रदूषण अनुपालन प्रमाण पत्र (Certificate of compliance of prevention and containment of pollution) प्राप्त करना होगा।
न्यायमूर्ति वीजी अरुण ने आदेश दिया कि प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के अनुपालन प्रमाण पत्र के बिना हाउसबोट को आदेश के तीन महीने बाद वेम्बनाड झील में चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रदूषण अनुपालन प्रमाण पत्र नहीं हुआ तो नहीं चला पाएंगे हाउसबोट
केरल हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की नाव को सर्वे प्रमाण पत्र और पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राज्य अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने का निर्देश देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश पारित किए। इसके तहत प्रदूषण अनुपालन प्रमाणपत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 3 महीने होगी जिसके बाद बोट के परिचालन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। 2015 की गणना के अनुसार,वेम्बनाड झील में 567 से ज्यादा पंजीकृत हाउसबोट हैं। नियमों का पालन न करने वाली हाउसबोटों को वेम्बनाड झील में चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
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क्या हैं हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश?
वेम्बनाड झील में चलने वाली हाउसबोटों के मालिक/संचालक केरल समुद्री बोर्ड द्वारा निरीक्षण के लिए अपनी नौकाएं प्रस्तुत करेंगे और अधिनियम की धारा 53(2) में अनिवार्य रूप से एक महीने के भीतर प्रदूषण निवारण का प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे। इसके बाद बोर्ड निरीक्षण करेगा और आवश्यक उपकरण, प्रणालियां, फिटिंग और व्यवस्था वाली हाउसबोटों को प्रमाण पत्र जारी करेगा। बोर्ड निरीक्षण करने और प्रमाण पत्र जारी करने के लिए निर्धारित शुल्क वसूल कर सकता है।
प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के अनुपालन प्रमाण पत्र के बिना हाउसबोट को इस आदेश के तीन महीने बाद वेम्बनाड झील में चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उपरोक्त निर्देश शिकारा नौकाओं पर लागू नहीं होंगे और बोर्ड अधिनियम और उसके अंतर्गत नियमों के प्रावधानों के अनुसार शिकारा नौकाओं को पंजीकरण प्रदान करने के लिए स्वतंत्र होगा।
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