कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान राज्य सरकार की ओर से कराए गए एक सर्वे की रिपोर्ट अब सामने आई है, जिसने बीजेपी को कांग्रेस पर हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है।
दरअसल, इस सर्वे में कर्नाटक के लोगों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल पूछे गए थे। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 83.5 प्रतिशत लोगों ने ईवीएम को विश्वसनीय बताया है। वहीं, 69.3 प्रतिशत लोगों का कहना है कि ईवीएम से बिल्कुल सटीक नतीजे सामने आते हैं। इसके अलावा 14.3 प्रतिशत लोगों ने पूरी मजबूती के साथ ईवीएम पर अपना भरोसा जताया है।
जानकारी के मुताबिक, इस सर्वे में बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु क्षेत्र के साथ-साथ राज्य के प्रमुख डिवीजनों को शामिल किया गया था। कुल 102 विधानसभा क्षेत्रों में यह सर्वे कराया गया और 5100 से अधिक उत्तरदाताओं से सवाल-जवाब किए गए।
बताया जा रहा है कि यह सर्वे कर्नाटक सरकार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार की अध्यक्षता में कराया था। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कलबुर्गी क्षेत्र में लोगों ने ईवीएम पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है, जबकि मैसूरु डिवीजन में भी 70 प्रतिशत से अधिक लोगों ने ईवीएम को सही और भरोसेमंद माना है।
यह रिपोर्ट कांग्रेस के लिए इसलिए असहज स्थिति पैदा कर रही है, क्योंकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं और वोट चोरी जैसे आरोप लगाते आए हैं। इसी आधार पर वे चुनाव आयोग को भी निशाने पर लेते रहे हैं। लेकिन अब कर्नाटक सरकार द्वारा कराए गए इसी सर्वे में ईवीएम की विश्वसनीयता सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस से तीखे सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं।
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि राहुल गांधी सालों से देशभर में यह कहते रहे हैं कि भारत का लोकतंत्र खतरे में है, ईवीएम पर भरोसा नहीं किया जा सकता और संस्थाएं विश्वसनीय नहीं हैं। लेकिन कर्नाटक की सच्चाई बिल्कुल अलग तस्वीर दिखा रही है।
उन्होंने आगे लिखा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए इस सर्वे में जनता ने न सिर्फ ईवीएम पर, बल्कि चुनाव प्रक्रिया और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी पूरा भरोसा जताया है। ऐसे में यह रिपोर्ट कांग्रेस और राहुल गांधी के दावों पर करारा तमाचा है।
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