उत्तराखंड के मसूरी में सड़क पर बिना मास्क पहन कर निकलने को लेकर पुलिस ने रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा का चालान काट दिया। चालान कटने से गुस्साए विधायक ने दारोगा को चालान के पैसे भी फेंक कर दिए। इतना ही नहीं विधायक ने दारोगा की शिकायत उत्तराखंड पुलिस के डीजीपी से कर दी। जिसके बाद दारोगा का तबादला कर दिया गया है।
दरअसल बीते दिनों मसूरी के मॉल रोड पर रुड़की से भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा बिना मास्क लगाए अपने परिवार के साथ घूम रहे थे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें मास्क ना पहनने को लेकर टोका तो विधायक और उनके परिवार के लोग दारोगा से ही उलझ गए। इसके बाद जब मसूरी कोतवाली के दारोगा नीरज कठैत ने चालान काटना शुरू किया तो विधायक प्रदीप बत्रा ने गुस्से से 500 रुपये का नोट फेंक कर दिया। हालांकि पुलिस वाले ने विधायक से अभद्र व्यवहार ना करने की अपील की लेकिन विधायक और उनके परिवार के लोगों ने इसे अनसुना कर दिया।
वहीं विधायक प्रदीप बत्रा ने इस मामले की शिकायत उत्तराखंड के डीजीपी से कर दी। विधायक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यदि वो गलत भी थे तो भी दरोगा को प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें मिस्टर कहने का अधिकार नहीं था। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी वहां पर पर्यटकों से अभद्र व्यवहार कर रहे थे, उन्होंने हस्तक्षेप किया तो पुलिसकर्मी उल्टा उनका ही चालान करने लग गए। पुलिसकर्मी और विधायक के नोक झोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
डीजीपी से शिकायत के बाद दारोगा नीरज कठैत का तबादला कालसी थाना में कर दिया गया है। साथ ही विधायक प्रदीप बत्रा ने चालान के 500 रुपये भी सरकारी खजाने से वापस करने को कहा है। हालांकि नीरज कठैत के अलावा कई अन्य पुलिसकर्मियों का भी तबादला किया गया है। इसके अलावा तीन साल से एक ही थाने में जमे 100 से ज्यादा दारोगा और पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है।
विधायक के तबादले की खबर पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर अपनी प्रतिक्रिया दी। अमित मिश्रा नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा यह तो दारोगा साहब ने गलत किया भाजपा के विधायक का चालान काट दिया। दारोगा साहब भूल गए कि कानून जनता पर लागू होते हैं BJP विधायक पर नहीं। इसके अलावा ट्विटर यूजर जोगिंदर शर्मा ने भी तंज कसते हुए लिखा कि ट्रांसफर नहीं बल्कि ऐसे दारोगा को तो सस्पेंड किया जाना चाहिए जो इस बात से भी अनभिज्ञ हैं कि नेताओं के ऊपर विशेष रूप से सत्ताधारी पार्टी के नेताओं पर कोई नियम-कानून लागू नहीं होता। ये लोग नेता बनते ही इसलिए हैं कि सरेआम कानून की धज्जियां उड़ा सकें। सरकार ने एकदम सही कदम उठाया है।
